रामपुर रजा लाइब्रेरी में मौजूद दुर्लभ पेंटिंग का डिजिटाइजेशन कराया जाए- राज्यपाल

लखनऊ, 14 जून (हि.स.)। रामपुर रजा लाइब्रेरी में पठन-पाठन की उचित व्यवस्था करने के साथ ही लाइब्रेरी में मौजूद समस्त दुर्लभ साहित्य एवं पेंटिंग डिजिटाइजेशन कराया जाए। ये निर्देश उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं रामपुर रजा लाइब्रेरी बोर्ड की अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने बोर्ड की 50वीं बैठक में प्रबंध तंत्र एवं अधिकारियों को दिये।
उन्होंने कहा कि जो भी प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये जाते है उन्हें सम्यक विचारोपरान्त तथा औचित्य को दर्शाते हुये ही भारत सरकार को प्रेषित किये जाएं।
राज्यपाल ने कहा कि लाइब्रेरी में मौजूद दुर्लभ पेंटिंग का डिजिटाइजेशन करने के साथ-साथ प्रदर्शनी के माध्यम से इनका प्रदर्शन करें, ताकि आमजन की जानकारी में ये पेंटिंग आये। कहा कि हमारी कला सबके सामने आनी चाहिये। ये दुर्लभ पेंटिंग पुस्तकालय के लिये आमदनी का माध्यम बन सकती है।
 उन्होंने कहा कि उचित होगा कि हम रामपुर रजा  लाइब्रेरी के उत्थान एवं विकास के लिए अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करें तथा पुस्तकालय के विकास के लिए विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को प्रेरित करें। उनके सीएसआर फण्ड का उपयोग करते हुये रजा लाइब्रेरी को एक उत्कृष्ट पुस्तकालय का स्वरूप प्रदान करें। इससे पूर्व रामपुर रजा लाइब्रेरी के निदेशक एवं रामपुर के डीएम ने पिछली बैठक में तय किये गये बिंदुओं पर बिन्दुवार समीक्षा प्रस्तुत की।
वर्चुअल बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता, रामपुर के जिलाधिकारी एवं लाइब्रेरी के निदेशक रविन्दर कुमार मंदेर, राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) पंकज जानी तथा लाइब्रेरी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार

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