रात को बिगड़ी बेटी की तबियत तो उपचार कराने सदर हॉस्पिटल पहुंच गए डीएम साहब

गोपालगंज :  बिहार के सरकारी हॉस्पिटल ों की बदहाली और उदासीनता की फोटोज़ हमेशा से सामने आती हैं लेकिन जिले का सबसे बड़ा ऑफिसर यदि अपनी बेटी का उपचार सरकारी हॉस्पिटल में कराने पहुंचे वो भी रात के समय तो आप क्या कहेंगे बिहार के एक डीएम (Gopalganj DM) ने अपनी बेटी का उपचार सरकारी हॉस्पिटल में कराकर समाज को एक सकारात्मक संदेश देने की प्रयास की है केस गोपालगंज (Gopalganj) से जुड़ा है जहां के नए डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने तबियत बिगड़ने पर अपनी बेटी का उपचार किसी निजी डॉक्टर से कराने की बजाए गोपालगंज सदर हॉस्पिटल (Sadar Hospital) में कराया

दरअसल डीएम साहब की मासूम बेटी को रात के समय आकस्मित पेट में दर्द की कम्पलेन हुई थी और वो दर्द से कराह रही थी डीएम साहब सरकारी कार्य निबटाने के बाद जैसे ही अपने आवास पहुंचे, उन्हें बेटी की रोग के बारे में पता चला बेटी की रोग से परेशान डीएम साहब ने किसी डॉक्टर को अपने आवास पर बुलाने के बजाए स्वयं बेटी को लिया और गाड़ी से सदर हॉस्पिटल पहुंच गए यहां वो सदर हॉस्पिटल स्थित एक्सरे वार्ड में गए और अपनी बेटी का एक्सरे कराया रात के समय डीएम के सदर हॉस्पिटल पहुंचने की सूचना मिलने के बाद सदर हॉस्पिटल के कर्मियों में खलबली मच गया

स्थित ये हो गई कि रात के समय ही हॉस्पिटल कर्मियों ने सफाई काम प्रारम्भ कर दिया साथ ही सदर हॉस्पिटल में उपस्थित डॉक्टर और कर्मी सभी ड्यूटी पर अलर्ट हो गए डीएम डॉक्टर नवल किशोर चौधरी अभी हाल ही में गोपालगंज में जिला पदाधिकारी का पद ज्वाइन किया है डीएम का प्रभार लेते ही सबसे पहले वो सदर हॉस्पिटल में पहुंचे थे और डॉक्टरों को मुस्तैदी से ड्यूटी करने की हिदायत दी थी डीएम ने साफ बोला था कि समय बदल गया है और समय के साथ ड्यूटी से गायब रहने वाले भी बदल जाएं नही तो उन्हें बदल दिया जाएगा मंगलवार को डीएम ने बेटी के पेट में दर्द की कम्पलेन के बाद सरकारी हॉस्पिटल में पहुंचे हैं, जिसको लेकर लोगों में अब सरकारी हॉस्पिटल में बेहतर व्यवस्था होने की आशा भी जगी है

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