राजस्थान में प्री-मानसून की दस्तक, पिछले 24 घंटे में कई जगह हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जयपुर में तेज आंधी के साथ बारिश

जयपुर : राजस्थान में प्री-मानसून ने दस्तक दे दी है। सोमवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जयपुर में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में राज्य में कहीं-कहीं पर मेघगर्जन व वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हुई।

राज्य में सर्वाधिक वर्षा बारां तहसील (बारां) में 34 मि.मी दर्ज हुई। राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान पूर्वी राजस्थान में बूंदी में 43.6 °C तथा पश्चिमी राजस्थान में फलौदी में 41.8 °C दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान टोंक में 23.7 डिग्री रहा।

जयपुर में दोपहर परकोटा क्षेत्र के अलावा मालवीय नगर, टोंक रोड, जेएलएन मार्ग, सी-स्कीम, रामगढ़ माेड़, विद्याधर नगर, हरमाडा सहित कई जगह करीब 10-15 मिनट तक तेज आंधी के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जयपुर व आसपास के क्षेत्रों में 20 जून तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मेघगर्जना वर्षा की संभावना है।

मौसम की चेतावनी (राजस्थान राज्य):

पूर्वी राजस्थान :- 14 जून से 17 जून तक अलवर, भरतपुर, धोलपुर, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, करौली, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां झालावाड सवाई माधोपुर जिलों में कहीं-कहीं पर मेघगर्जन/ वज्रपात के साथ अचानक तेज हवाएं (40-50 कि.मी प्र.घ.) चलने की संभावना है।  14 जून को जयपुर, सीकर, झुंझुनू, अलवर दौसा जिलों में कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि की संभावना है।

18 जून को जयपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड, प्रतापगढ़, चित्तोडगढ़, राजसमन्द, भीलवाड़ा, उदयपुर, सिरोही जिलों में कहीं-कहीं पर मेघगर्जन/वज्रपात के साथ अचानक तेज़ हवाएं (40-50 कि.मी प्र.घं.) चलने की संभावना है।

पश्चिमी राजस्थान :- 14 जून से 17 जून तक हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर, चुरू, नागौर, जैसलमेर,पाली जिलों में कहीं-कहीं पर धूल भरी आंधी / मेघगर्जन/ वज्रपात के साथ अचानक तेज हवाएं (40-50 कि.मी प्र.घं.) चलने की संभावना है। 14 जून को हनुमानगढ़, गंगानगर, चुरू, नागौर जिलों में कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि की संभावना है।

18 जून को चुरू और नागौर जिलों में कहीं-कहीं पर धूल भरी आंधी मेघगर्जन / वज्रपात के साथ अचानक तेज़ हवाएं (30-40 कि.मी प्र.घं.) चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने किसानों को मौसम के चलते निम्न सलाह दी है-

1. कृषि मंडियों में खुले आसमान में रखे हुए अनाज को ढककर व सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके।

2. खेतों में लगे सोलर सिस्टम को भीअचानक तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है अतः सुरक्षित स्थान पर रखें। 3. यदि अपने आसपास मेघगर्जन की आवाज सुनाई दे या बिजली चमकती हुई दिखाई देतो पेड़ के नीचे शरण ना लें।

4. तेज अंधड़ के समय बड़े पेड़ों के नीचे व कच्चे मकानों में शरण लेने से बचें।

5. तेज अंधड़ से बिजली के तारों के टूटने एवं खंभों के गिराने से क्षति होने की संभावना है।

6. तेज अंधड़ के समय दृशयता कम होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें।

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