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योगी ने दिए पूर्वांचल एक्सप्रेस निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश

 

लखनऊ :  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की प्रगति पर सन्तोष व्यक्त करते हुए इसे निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि 97 प्रतिशत से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। शेष के अधिग्रहण की तेजी से कार्यवाही की जाए। उन्होंने 50 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की प्रत्येक 15 दिन पर मुख्य सचिव स्तर पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं के सम्बन्ध में प्रत्येक माह मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें इनकी प्रगति से अवगत कराया जाए।

मुख्यमंत्री बुधवार शाम यहां लोक भवन में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की अद्यतन प्रगति की समीक्षा तथा गंगा एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेण्ट के प्रस्तुतिकरण के अवसर पर अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के विभिन्न पैकेजों के निर्माण की निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि एजेन्सियां अपने संसाधन और सुविधाओं को बढ़ाते हुए कार्यों को लक्ष्य के अनुसार पूरा करें। मऊ एवं गाजीपुर जिलों के जिलाधिकारियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों में तेजी से कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए जाएं।

इस मौके पर यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। अब तक परियोजना में 22 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। परियोजना के अवरोधों जैसे-ट्यूबवेल, हैण्डपम्प, बिल्डिंग्स आदि के विस्थापन पर भी तेजी से ध्यान देते हुए कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना में 467 पुलियों में से 246 पुलियों का कार्य पूर्ण हो गया है। इसी प्रकार, 115 लघु सेतुओं में से 111 सेतुओं पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 17 फ्लाईओवरों में से 16 पर कार्यवाही प्रगति पर है। दीर्घ सेतुओं पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के एलाइनमेण्ट के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में कोई भी सैंक्चुअरी प्रभावित न हो और पुनस्र्थापन की सम्भावना कम से कम हो। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे के सम्बन्ध में नोटिफिकेशन जारी करने और भूमि को चिन्ह्ति करते हुए उसके अधिग्रहण और क्रय किए जाने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण सम्बन्धी प्रक्रियाओं को शीघ्रता से आगे बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे के गुजरने वाले रास्ते से सम्बन्धित जिलों मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और प्रयागराज की दूरी कम से कम हो और इसकी अन्य एक्सप्रेसवेज से कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो।
प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रारम्भ होकर खेमानन्दपुर (सोरांव के निकट) प्रयागराज बाईपास पर समाप्त होगा। इसकी लम्बाई 628 किलोमीटर होगी। यह 6-लेन एक्सप्रेस-वे, 8-लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की।
बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, मुख्य सचिव आर के तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, औद्योगिक एवं अवस्थापना विकास आयुक्त आलोक टण्डन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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