मेहंदीपुर बालाजी जाने से पहले इन बातों को जरूर जान लें, ताकि बाद में ना हो परेशानी

प्राचीन ग्रंथों में वर्णित 7 करोड़ मंत्रों में श्री हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। भगवान हनुमान के कई रूप प्रसिद्ध है, जिनमें से एक बालाजी भी है। हनुमान जी के इसी स्वरूप का प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी मंदिर राजस्थान के सिकराय तहसील में स्थित है। इसे घाटा मेहंदीपुर के नाम से जाना जाता है। दो पहाड़ियों के बीच बना यह मंदिर बेहद खूबसूरत होने के साथ ही हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थल में से एक माना जाता है।

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हर दिन लगती है हजारों की भीड़

भगवान हनुमान के स्वरूप को समर्पित इस मंदिर में दर्शन करने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं। यहां हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है। ऐसे में यह भी मान्यता है कि लोग भूत-पिशाच से छुटकारा पाने के लिए भी मेहंदीपुर बालाजी आते हैं।

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1000 साल पुराना है मंदिर

बता दें अरावली पर्वत पर बना यह मंदिर 1000 साल पुराना है, जहां 3 देवताओं बालाजी महाराज, प्रेतराज सरकार और श्री भैरव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि श्री मेहंदीपुर बालाजी में जिन्हें भूत प्रेत, चौकी बंधन और खास रोग होते हैं वही लोग आते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है मेहंदीपुर बालाजी आकर हर दुख तकलीफ से आपको निजात मिलती है।

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यहा पर किसी को प्रसाद ना दे ना ले

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर को लेकर कई तरह की अलग-अलग मान्यताएं हैं। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर को लेकर यह बात खास तौर पर कही जाती है कि यहां किसी को ना ही अपना प्रसाद दें और ना ही स्वयं किसी का प्रसाद ले। यह बात सभी जानते हैं कि अक्सर लोग मंदिरों में से प्रसाद लेकर घर आते हैं, लेकिन यहां प्रसाद तो दूर अगर आपने कोई सामान्य खाद्य पदार्थ भी यहां से लिया तो वह भी आपको वही छोड़ना होना होता है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि बालाजी के धाम से आते या जाते समय आपको खाने-पीने की वस्तुओं को अपने साथ नहीं ले कर जाना चाहिए।

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यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

इस बात का खास तौर पर ध्यान रखें यदि आप फ्लाइट से मेहंदीपुर बालाजी मंदिर आ रहे हैं, तो पहले आप जयपुर याद दिल्ली तक की फ्लाइट ले। फिर वहां से श्री मेहंदीपुर धाम आए। जयपुर और दिल्ली से डायरेक्ट बस सेवा और प्राइवेट टैक्सी मेहंदीपुर बालाजी के लिए मिल जाती है। बता दे जयपुर से 100 और दिल्ली से 260 किलोमीटर ज्यादा दूर है।

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वहीं यदि आप ट्रेन से आ रहे हैं तो इस मंदिर के सबसे पास बांदीकुई रेलवे स्टेशन पड़ता है। बांदीकुई से 40 किलोमीटर की दूरी पर बालाजी मेहंदीपुर धाम स्थित है।

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रात 2 बजे लगता है निवारण दरबार

बता दे भूत प्रेत आदि जैसी ऊपरी बाधाओं के निवारण के लिए यहां आने वाले लोगों का हर दिन लंबा तांता लगता है। इस मंदिर में प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा यानी कि कोतवाल कप्तान की मूर्ति है। हर दिन यहां रात 2:00 बजे प्रेतराज सरकार के दरबार में पेशी यानी की कीर्तन होता है, जिसमें लोगों पर आए ऊपर सायों को दूर किया जाता है।

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