मेवाड़ के प्रसिद्ध जगदीश मंदिर में डकैती का मामला:जंगल में छिपा गए थे 30 किलो चांदी और 38 ग्राम सोना; शराब की खाली बोतलों से मिला चोरों का सुराग, दो बदमाश गिरफ्तार

 

पुलिस गिरफ्त में दोनों चोरी के आरोपी। - Dainik Bhaskar

पुलिस गिरफ्त में दोनों चोरी के आरोपी।

भीलवाड़ा जिले के करेड़ा स्थित 500 साल पुराने प्रसिद्ध जगदीश भगवान के मंदिर में 26 फरवरी को हुई डकैती के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, तीसरा बाल अपराधी है। तीनों के पास से चोरी की गई 30 किलो चांदी और 38 ग्राम सोना बरामद किया गया। इन चोरों को गिरफ्तारी के लिए पुलिस के 12 लोगों की टीम बनाई गई थी।

पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि घटनास्थल के आसपास घना जंगल है। यहां तलाशी के दौरान सभी जेवरात सुनसान जंगल से प्राप्त हुए थे। जहां अपराधियों के द्वारा पी गई शराब के खाली पव्वे के बैच नंबर और ब्रांड द्वारा ठेके का पता लगाया गया। इससे बदमाशों के चेहरे और बाइक के बारे में जानकारी जुटाई गई। घटनास्थल के चारों और गुजरने वाले रास्तों पर लगे 150 से अधिक CCTV की फुटेज खंगाली गई। टोल प्लाजाओं पर लगे सीसीटीवी भी खंगाले गए। मंदिर के निर्माण में काम कर चुके 200 से ज्यादा मजदूरों से भी पूछताछ की गई। चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को भी चिन्हित किया गया।

चार शहरों में दी गई दबिश

इस दौरान पुलिस को पाली जिले के नाना थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का अपराधिक रिकॉर्ड मिला। जो शातिर और हार्डकोर प्रवृत्ति के हैं। इस दौरान स्पेशल टीम ने सिरोही, राजसमंद, पाली और उदयपुर के कई स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान सरगना समेत दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया। उनके साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा गया।

जंगल से बरामद किया गया था मंदिर का सामान।

जंगल से बरामद किया गया था मंदिर का सामान।

राजस्थान के कई मंदिरों में चोरी कर चुके बदमाश

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी का नाम आसाराम और कलाराम है। इनके द्वारा राजस्थान के कई मंदिरों में चोरी की जा चुकी है। जो मंदिर के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से जानकारी एकत्रित कर रेकी करते थे। इस रेकी में मंदिर में लगे सीसीटीवी, प्रवेश करने की जगह, माल छुपाने की जगह और कच्चे रास्तों के जरिए फरार होने का प्लान बनाया गया था। जो मंदिर में वारदात को अंजाम देने के बाद सीसीटीवी को तोड़ देते थे। इसके बाद माल को अज्ञात स्थान पर छुपाकर कर कुछ समय के लिए भाग जाते थे। कुछ दिन रुकने के बाद माल को सुनार को बेच देते थे।

एक आरोपी के खिलाफ पहले से चोरी के 20 मामले दर्ज

आरोपी आसाराम शातिर बदमाश है। जिसके खिलाफ पहले भी 20 मामले दर्ज हैं। जिसने जगदीश मंदिर में भी चोरी की पूरी प्लानिंग की थी।

 

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