मृत्यु प्रमाण पत्र के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे पूर्व विधायक

रामगढ़, 10 जून (हि.स.)। रामगढ़ छावनी परिषद कार्यालय के बाहर गुरुवार को हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। यहां मृत्यु प्रमाण पत्र के मुद्दे पर पूर्व विधायक शंकर चौधरी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि रामगढ़ शहर के पिंटू करमाली का निधन 24 मार्च को उनके घर में ही हुआ था। लेकिन उनका मृत्यु प्रमाण पत्र छावनी परिषद के कर्मचारियों की गलत रिपोर्ट की वजह से नहीं बन पाया है। उन्होंने इस मुद्दे पर छावनी परिषद को पत्र भी लिखा था। साथ ही 10 जून तक उन्हें प्रमाण पत्र बना कर देने की बात भी कही थी। साथ ही यह भी कहा था कि अगर पिंटू करमाली का मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत नहीं होता है, तो वे कोरोना प्रोटोकॉल के तहत धरना पर बैठेंगे।
उन्होंने जब धरना शुरू किया तो छावनी परिषद के सीईओ ने उन्हें धरना से उठने को कहा। शंकर चौधरी ने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर धरना दे रहे हैं, वह मुद्दा काफी पहले ही खत्म हो गया है। उनके कार्यालय से पिंटू करमाली का मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत हो चुका है। लेकिन पूर्व विधायक उनकी मौखिक बातों को सुनने को तैयार नहीं थे। मामला काफी तूल पकड़ा और अंत में रामगढ़ थाना पुलिस को भी वहां बुलाया गया।
सीईओ के पत्र जारी करने के बाद खत्म हुआ धरना
इस मुद्दे पर छावनी परिषद के सीईओ एमएस हरीविजय ने एक लिखित पत्र शंकर चौधरी को दिया। जिसमें लिखा गया था कि पिंटू करमाली के मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने हेतु पिंकी देवी ने आवेदन दिया था। उनका प्रमाण पत्र बन चुका है। धरना स्थल पर मृत्यु प्रमाण पत्र पिंकी देवी को दिया गया। जिसके बाद धरना खत्म हो गया।
हिन्दुस्थान समाचार

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