मुजफ्फरपुर पुलिस ने भी मानी जहरीली शराब की बात:पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सही हुई ग्रामीणों की बात; मरने वाले 5 में शराब कारोबारी का बेटा भी था

 

शनिवार को ग्रामीणों से बात करते मुजफ्फरपुर के DM प्रणव कुमार। - Dainik Bhaskar

शनिवार को ग्रामीणों से बात करते मुजफ्फरपुर के DM प्रणव कुमार।

  • जेल से छुटकर आए अपराधी मुकेश सिंह ने शुरु किया था शराब बनाने का धंधा
  • SSP जयंतकांत ने रविवार को माना कि सारे लक्षण जहरीली शराब के ही थे

मुजफ्फरपुर में 65 साल की एक महिला और उसके 70 साल के पति समेत कुल 5 लोगों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। ग्रामीणों ने शनिवार को DM प्रणव कुमार से कहा था कि सभी की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। लेकिन प्रशासन और पुलिस के अधिकारी रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे थे। अब रविवार को प्रशासन और पुलिस की तरफ से आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी गई है कि सभी लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी। SSP जयंतकांत के अनुसार शुरुआती लक्षण भी जहरीली शराब की तरफ ही इशारा कर रहे थे। विनोद मांझी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पूरा मामला साफ हो गया। इसके बिसरा को भी जांच के लिए संरक्षित किया गया है। मामले में कुल दो FIR दर्ज किए गए हैं। एक FIR 5 लोगों की मौत को लेकर, जबकि दूसरी शराब की बरामदगी को लेकर की गई है। इस मामले में मुकेश सिंह और उसके साथ प्रमोद दास की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। कोशिश है कि जल्द से जल्द दोनों को पकड़ा जाए।

पहली बार शराब बनवा रहा था मुकेश सिंह
मुकेश सिंह कटरा थाना इलाके का एक नामी अपराधी है। आपराधिक मामले में ही यह जेल गया था। इसके ऊपर कई केस दर्ज हैं। दो-तीन महीने पहले ही यह जेल से छुटकर आया था। दरगाह इलाके के रहने वाले प्रमोद दास से मिलकर इसने शराब बनाने और उसकी सप्लाई करने का प्लान बनाया था। पहली बार इस धंधे में दोनों उतर रहे थे। घर के अंदर प्रमोद ने शराब बनाने का काम शुरू किया। पहली खेप में बड़े स्तर पर शराब बनी भी और दरगाह सहित आसपास के गांव के लोगों के बीच इसकी सप्लाई भी हुई। SSP जयंतकांत के अनुसार शराब बनाने के दौरान कम्पोजिशन में गड़बड़ी हुई है। इसी वजह से लोगों की मौत हो गई।

खुद के बेटे की भी गई जान
बात 16 फरवरी के रात की है। प्रमोद और मुकेश की बनाई हुई शराब को कुल 5 लोगों ने पिया था। इसमें मुकेश सिंह का बेटा सोनल सिंह, 65 साल की मंजू देवी, 70 साल का रामचंद्र मांझी, 45 साल का विनोद मांझी और अजय मांझी शामिल हैं। इनमें तीन लोगों की मौत उसी रात हो गई। पुलिस से बचने के लिए आनन-फानन में इनकी लाश को भी जला दिया गया था। जबकि, विनोद मांझी और सोनल सिंह की मौत इलाज के दौरान 18 फरवरी को हो गई। हालांकि इसमें पता चलते ही पुलिस ने विनोद की लाश को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद ही पूरी असलियत सामने आई। अब प्रमोद और मुकेश सिंह की तलाश चल रही है। दूसरी तरफ पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन दोनों की बनाई हुई शराब कहां-कहां सप्लाई की गई? उसे बरामद कर नष्ट किया जाना बेहद जरूरी है ताकि और लोगों की जान बचाई जा सके।

 

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