मिशन शिवांश सक्सेसफुल:किडनैपर्स के चंगुल से छूटकर 6 साल का बच्चा बोला- पुलिस वाले अंकल आए तो लगा अब मैं घर पहुंच जाऊंगा

 

तस्वीर रायगढ़ की है। डर के साय में बीती रात के बाद सुबह परिवार के चेहरे पर ये मुस्कान नजर आई। - Dainik Bhaskar

तस्वीर रायगढ़ की है। डर के साय में बीती रात के बाद सुबह परिवार के चेहरे पर ये मुस्कान नजर आई।

  • रायगढ़ पुलिस ने 8 घंटे में पूरा किया बच्चे को बचाने का मिशन, रात भर बच्चे के घर वालों के साथ जागते रहे SP
  • झारखंड के खूंटी जिले से मिला बच्चा, रांची भागने की तैयारी में थे किडनैपर्स, 3 शातिर गिरफ्तार

6 साल के शिवांश ने कहा- जब कार रुकी और मैंने पुलिस वाले अंकल को देखा तो लगा कि अब ये मुझे घर पहुंचा देंगे। मम्मी की याद आ रही थी, रात में ही उन्होंने मेरी बात मम्मी और पापा से करवाई। किडनैपर्स के चंगुल से छूटकर अपनी बात शिवांश से इसी अंदाज में बताई। रायगढ़ के खरसिया में कारोबारी राहुल अग्रवाल के बेटे शिवांश का घर के कुक खिलावन ने किडनैप कर लिया था। वो इसे घुमाने ले जाने के बहाने अपने साथ लेकर निकला। बाद में किराये की कार में अपने साथी अमर दास महंत और संजय सिदार के साथ रांची की ओर भाग निकला। झारखंड के खूंटी में रायगढ़ की पुलिस ने तीनों बदमाशों को पकड़ लिया और बच्चे को सुरक्षित वापस लाया गया।

आरोपियों के पास से मिली चीजों में क्लोरोफॉम भी था, जिससे बच्चे को बेहोश किया था।

आरोपियों के पास से मिली चीजों में क्लोरोफॉम भी था, जिससे बच्चे को बेहोश किया था।

कारोबारी के कुक ने बनाया था पूरा प्लान
खिलावन, कारोबारी राहुल के घर में कुक का काम करता था। कुछ दिन पहले उसे काम से निकाल दिया गया था। पहले से ही खिलावन ने यहां किसी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रही थी। खिलावन ने परिवार को अपना नाम निखिल बताया था। कुछ दिन तक काम करके परिवार का भरोसा जीत लिया। उसने राहुल के बेटे शिवांश से भी दोस्ती कर ली थी। रांची आने जाने वाला उसका दोस्त अमर भी इस प्लान का हिस्सा था। कार से भागने की जरूरत पड़ेगी ये सोचकर पेशे से ड्राइवर अपने दोस्त संजय सिदार को भी खिलावन ने टीम में शामिल किया। अमर को रांची के प्रोफेशनल किडनैपर्स के संपर्क में था। यह लोग बच्चा उन्हें ही सौंपने की तैयारी में थे।

शनिवार की शाम खिलावन राहुल के घर आया। कहने लगा कि वह अपना चार्जर लेने आया है। घर के बाहर ही शिवांश उसे मिल गया। इसके बाद शिवांश को घुमाने ले जाने की बात कहकर वह बाइक पर अपने साथ ले गया। रांची के किडनैपर्स गैंग से शिवांश को सौंपकर परिवार से 25 से 30 लाख रुपए मांगने की तैयारी थी। पुलिस उसे ढूंढ ना सके इसलिए उसने अपने पड़ोसियों को बिहार जाने की बात बताई थी। ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। राहुल के घर के बाहर लगे CCTV कैमरे और इलाके के कुछ और CCTV फुटेज के जरिए पुलिस को अपहरणकर्ताओं की जानकारी मिली और इन्हें फोन नंबर के जरिए ट्रेस किया गया। आखिरकार यह पकड़े गए।

तस्वीर रायगढ़ की है। देर रात जब शिवांश के मिलने की खबर आई तो चेहरों पर मुस्कान थी।

तस्वीर रायगढ़ की है। देर रात जब शिवांश के मिलने की खबर आई तो चेहरों पर मुस्कान थी।

घरवालों के साथ SP भी रातभर जागे
रायगढ़ जिले के SP इस पूरे केस की खुद ही मॉनिटिरिंग कर रहे थे। परिवार शिवांश के इस तरह से किडनैप होने की वजह से बुरी तरह डर चुका था। राहुल की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका था। परिवार के सभी सदस्य रात भर जागते रहे, दूसरी तरफ रायगढ़ के SP संतोष सिंह झारखंड की पुलिस से बातचीत करते रहे। लगभग हर जिले के SP से उन्होंने बात करते हुए नाकेबंदी करवाई। आरोपी खिलावन और बच्चे की तस्वीरें झारखंड की पुलिस को भेजी गई। दूसरी तरफ रायगढ़ से भी ऑफिसर्स की एक टीम झारखंड की ओर रवाना की गई। खूंटी जिले में नाकेबंदी की गई थी। जहां आरोपी फंस गए और शिवांश को बचा लिया गया। वहीं से टीम ने वीडियो कॉल पर बच्चे की घर वालों से बात करवाई और सबने राहत की सांस ली।

परिवार की तरह बच्चे को भी आरोपी पर भरोसा था, इसलिए वो बाइक पर बैठकर उसके साथ चला गया।

परिवार की तरह बच्चे को भी आरोपी पर भरोसा था, इसलिए वो बाइक पर बैठकर उसके साथ चला गया।

घुमाने के बहाने शिवांग को ले गया था आरोपी
खिलावन कुछ महीने राहुल के घर काम कर चुका था, इस वजह से शिवांश उसे पहचानता था। घुमाने ले जाने की बात कह कर वह शिवांश को अपने साथ ले गया। कुछ देर शिवांश को यही लगा कि उसे खिलावन घुमाने लेकर निकला हुआ है। कार में थोड़ी देर बाद शिवांश को नींद आ गई और इसी का फायदा उठाते हुए अपराधी रांची की ओर भागने लगे। कार में शिवांश का ध्यान बंटाने के लिए चिप्स, बिस्किट, पानी का इंतजाम किया गया था। जिससे उसे इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि वह किडनैप हो चुका है। मगर घरवालों से काफी देर तक दूर रहने की वजह से वह परेशान था। इसीलिए पुलिस वालों को देखकर उसे लगा कि अब वो घर लौट पाएगा।

पुलिस की टीम ने वक्त रहते बच्चे को बचा लिया।

पुलिस की टीम ने वक्त रहते बच्चे को बचा लिया।

DGP ने 1 लाख और IG ने 10 हजार रुपए देने की घोषणा की
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायगढ़ पुलिस की तारीफ की है। इस पूरे केस के लिए DGP डीएम अवस्थी द्वारा झारखंड पुलिस को सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट के जरिए रांची, खूंटी, सिमडेगा पुलिस को सहयोग के लिये धन्यवाद दिया। रायगढ़ SP ने बताया कि हम झारखंड पुलिस विशेष तौर पर खूंटी पुलिस को प्रशस्ति पत्र भेजेंगे। रायगढ़ पुलिस को मिली सफलता पर DGP डीएम अवस्थी ने जांच टीम के लिए 1 लाख रुपए इनाम की घोषणा की है। IG बिलासपुर रतन लाल डांगी ने 10 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।

 

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