मां दुर्गा की पूजा करने के लिए पंजाबभर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, शारीरिक दूरी का रखा गया ध्यान

 

  • लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और पटियाला समेत प्रदेशभर के विभिन्न इलाकों में मंदिरों में उमड़ पड़े भक्तों ने माता शैलपुत्री की आराधना की
  • 165 वर्ष बाद श्राद्ध खत्म होने के एक माह बाद शारदीय नवरात्र मनाए जा रहे हैं, इसलिए भी दिखा खास उत्साह

शारदीय नवरात्र शुरू हो चुके हैं। शनिवार को पहले नवरात्र के दिन प्रदेशभर के मंदिरों में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भक्तों ने माता शैलपुत्री की आराधना की। इसको लेकर मंदिरों में खास प्रबंध किए गए थे। सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा सामग्री की दुकान पर खरीदारी में जुटे रहे। इस दौरान शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा गया। दूसरी ओर 165 वर्ष बाद श्राद्ध खत्म होने के एक माह बाद शारदीय नवरात्र मनाए जा रहे हैं। इससे पहले श्राद्ध खत्म होते ही शारदीय नवरात्र शुरू हो जाते हैं। इस बार श्राद्ध खत्म होने के बाद अधिमास शुरू हो जाने के कारण नवरात्र एक महीने बाद मनाए जा रहे हैं। ऐसे में आस्था का एक अनोखा ही रूप देखने को मिल रहा है।

लुधियाना में जगराओं पुल के नजदीक स्थित दुर्गा माता मंदिर में श्रद्धालु लंबी कतारें लगाकर पूजा-अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

लुधियाना में जगराओं पुल के नजदीक स्थित दुर्गा माता मंदिर में श्रद्धालु लंबी कतारें लगाकर पूजा-अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

लुधियाना में जगराओं पुल के नजदीक स्थित दुर्गा माता मंदिर में श्रद्धालु लंबी कतारें लगाकर पूजा-अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इसके साथ ही महानगर के सभी इलाकों में मंदिरों में श्रद्धालु पूजा-अर्चना में जुटे रहे। शिवपुरी स्थित काली माता मंदिर बहादुर के रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर, रामनगर दुर्गा माता मंदिर, ग्यासपुरा स्थित दुर्गा माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर सराभा नगर, दुर्गा माता मंदिर बीआरएस नगर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया।

अमृतसर में बड़ा हनुमान मंदिर में लगने वाला खास आकर्षण का केंद्र लंगूर मेला भी शुरू हो चुका है। इसी दौरान लंगूर के वेशमें नजर आ रहे बालक।

अमृतसर में बड़ा हनुमान मंदिर में लगने वाला खास आकर्षण का केंद्र लंगूर मेला भी शुरू हो चुका है। इसी दौरान लंगूर के वेशमें नजर आ रहे बालक।

अमृतसर में दुर्ग्याणा तीर्थ पर भी आज मता के भक्त माथा टेकने आए। पूरे ऐहतियात के साथ श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चनाकी, वहीं मंदिर प्रबंधन की तरफ से भी हर तरह का ख्याल रखा जा रहा है। उधर, नवरात्र में बड़ा हनुमान मंदिर में लगने वाला खास आकर्षण का केंद्र लंगूर मेला भी शुरू हो चुका है। मंदिर के पुजारी भगवान ने बताया कि जिन्हें औलाद नहीं होती, वो यहां आकर हनुमान जी से संतानप्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं और फिर वह मंशा पूरी हो जाने के बाद बैंड-बाजे के साथ वो अपने लाडलों को लंगूर के वेश में सजाकर यहां माथा टेकने लेकर आते हैं। ईश्वर का धन्यवाद करते हैं।

अपने बच्चे को लंगूर बनाकर हनुमान जी को माथा टेकने लंगूर मेले में आया एक दंपति।

अपने बच्चे को लंगूर बनाकर हनुमान जी को माथा टेकने लंगूर मेले में आया एक दंपति।

जालंधर में भी विभिन्न मंदिरों में कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी हिदायतों को विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिरों के मुख्य द्वार पर लोगों को तापमान चेक किए जा रहे है और श्रद्धालु भी मास्क पहनकर ही मंदिर आ रहे है। वहीं, माता की पूजा करते समय भी श्रद्धालुओं की तरफ से शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा है।

जालंधर के एक प्रमुख दुर्गा माता मंदिर में पूजा के लिए आए श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग करता मंदिर प्रबंधन कमेटी तरफ से तैनात सुरक्षाकर्मी।

जालंधर के एक प्रमुख दुर्गा माता मंदिर में पूजा के लिए आए श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग करता मंदिर प्रबंधन कमेटी तरफ से तैनात सुरक्षाकर्मी।

 

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