महिला का आरोप- बाइक पर अगवा करके गैंगरेप किया, बेटे की डुबोकर मारा; मेडिकल रिपोर्ट में न रेप की पुष्टि हुई, न मौत की वजह पानी

 

रविवार तड़के 3 बजे महिला के कराहने की आवाज सुनी तो परिजन बाहर निकले। पीड़ित महिला को एंबुलेंस से बक्सर सदर हॉस्पिटल ले जाया गया।

  • दो साल पहले पीड़िता की चचेरी बहन का हुआ था अपहरण, बयान में उस पर आरोप लगाया, प्राथमिकी में नहीं रखा नाम
  • पीड़ित परिजनों के बयान में उलझ गई है पुलिस, घटना में आपसी विवाद का मामला भी मामला आ रहा सामने

शनिवार शाम सामने आए बक्सर गैंगरेप केस में घुमाए जाने की बात सामने आ रही है। विवाहिता महिला ने 15 घंटे बाइक पर घुमाते हुए गैंगरेप में दो नामजद समेत 7 पर प्राथमिकी कराई थी और इन्हीं आरोपियों पर बेटे को डुबोकर मारने का भी आरोप लगाया था। महिला से रेप की पुष्टि नहीं हो सकी है। पांच साल के जिस बच्चे की डुबोकर हत्या की बात कही जा रही, उसके शरीर से पोस्टमार्टम में पानी नहीं निकला है। इसके साथ ही विवाहिता महिला के पिता ने उसके शनिवार शाम साढ़े पांच बजे घर आने और अगली सुबह बच्चे का शव मिलने की बात कही है।

गैंगरेप की खबर से परेशान बक्सर पुलिस अब महिला की बातों पर ही शक कर रही है। शक की वजह यह भी है कि दोनों नामजद आरोपितों से इस परिवार का पुराना विवाद है और महिला ने पहले बयान में जिस युवक का नाम लिया था, उसपर दो साल पहले इसी परिवार की एक लड़की के अपहरण का आरोप लगा था और फिर समझौता भी हो गया था। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ पक्का बताने की बात कह रही है।

वीडियो बयान में जिस युवक का नाम लिया, उसपर नहीं की प्राथमिकी
सोमवार की सुबह गांव में पहुंची पुलिस अधिकारियों की टीम ने पीड़िता और उसके परिजनों से बात की है। पीड़िता और उसके परिजनों के बदलते बयान में उलझी पुलिस साक्ष्य के लिए हाथ मार रही है। एसडीपीओ डुमरांव केके सिंह का कहना है कि मामला काफी उलझ गया है, हम तह तक पहुंचने में लगे हैं। गैंगरेप की घटना के बाद पीड़िता के पिता ने दो नामजद के अलावा जिस तीसरे युवक का नाम वीडियो में लिया था, उसे इस परिवार ने दो साल पहले भी अपहरण में आरोपित बनाया था, लेकिन फिर समझौता हो गया था। जिन लोगों पर ताजा केस में आरोप लगा है, गांव में उनसे इस परिवार के पहले से चले आ रहे विवाद की भी चर्चा है। गैंगरेप में पचास साल मीना राम के साथ 35 साल के भोला यादव का नाम शामिल है।

पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट हाथ में आए बगैर कुछ नहीं बोल रही
एसडीपीओ डुमरांव केके सिंह का कहना है कि महिला और उसके बच्चे को पानी में फेंकने की बात का पता पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट से होगा। पुलिस जांच कर रही है लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच पीएचसी चौगाई में हुआ और सिविल सर्जन कार्यालय से रिपोर्ट आने का इंतजार है। इस घटना में 50 साल का आरोपित मीना गिरफ्तार है जबकि दूसरे नामजद भोला यादव की तलाश की जा रही है। अन्य अज्ञात आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पीड़िता के मोबाइल नंबर का सीडीआर निकाला जा रहा है।

 

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