महज 17 साल की उम्र में बन चुकी थीं वेश्‍या, आज बॉलीवुड की हैं जानी मानी हस्‍ती, नाम जानकर उड़ जाएंगे होश

आजकल सोशल मीडिया का जमाना चल रहा है इसलिए किसी भी तरह की बात किसी से छिप नहीं सकती है। चाहें वो बड़े बड़े हस्तियों पर्सनल लाइफ की बात हो या फिर नेताओं से संबंधित बातें हो हर कुछ सामने आ जाता है। वैसे तो आए दिन आप बॉलीवुड से जुड़ी कई सारी खबरें सुनते रहते हैं कई बार तो वहां कुछ ऐसा भी होता है जिसका प्रभाव सीधे सीधे सामाज पर पड़ता है, लेकिन आज हम आपको जिस शख्‍स के बारे में बताने जा रहे हैं वो अपनी मजबूरी में ही सही लेकिन 17 वर्ष से ही ऐसा काम करने लगी जो समाज की नजरों में बहुत ही गलत माना जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम जिसकी बात कर रहे हैं वो और कोई नहीं बल्कि फिल्‍म जगत में अपना बहुत ही अहम रोल अदा करने में माहिर वाली शगुफ्ता रफीक है। जो कि एक लेखिका हैं, इनकी जिन्दगी की कहानी प्रेरणा दायक है। इनकी कहानी एकदम फिल्मी है। शगुफ्ता एक गोद ली हुई बच्ची हैं जिन्हें अनवरी बेगम के रूप में माँ और परिवार मिला था। अनवरी बेगम पचास के दशक में हिन्दी फिल्मों में अभिनेत्री रहीं।

शगुफ्ता ने बताया की ये अपने ज़माने के प्रसिद्ध अभिनेत्री और निर्देशक बृज सदाना की पत्नी कमल सदाना यानी सईदा खान की बेटी हूँ। शगुफ़्ता ने ये भी बताया कि जब वो 12 साल की थीं तो उन्‍होंने पार्टियों में नाचना शुरू कर दिया था और साथ ही एक वेश्या की तरह कई पार्टियों में नाचती रही। शगुफ्ता को लिखने का शौक था। थोड़ा-बहुत काम जो दूरदर्शन के धारावाहिकों आदि के रास्ते मिल रहा था वह जीवनयापन के लिए काफी नहीं था। इसी दौरान उनकी माँ को कैंसर जैसी घातक बीमारी हो गई। तब एक मित्र ने उन्हें दुबई के एक बार में गाने के काम का ऑफर दिया और शगुफ्ता ने तुरंत स्वीकार कर लिया।

दुबई में काम करके, अच्छा पैसा जोड़कर फिल्मी लेखन के क्षेत्र में वापसी का सपना लेकर शगुफ्ता बार में काम करने चली गईं। मैं दुबई बार डांसर बन कर गयी थी वहाँ बार डान्सर को 10 गुना अधिक पैसे मिलते थे लेकिन जैसे ही मुझे वहां के सजा के बारे में पता चला मैं वहां से वापस आ गई। कोई भी डायरेक्टर एक नई लड़की को बतौर लेखक अपनी फिल्म में काम देने का खतरा नहीं मोल लेना चाहता था। उन्होंने बताया कि जब वो केवल साढ़े सत्रह वर्ष की थीं तभी वह वेश्या बन गयी थीं। एक अजनबी के साथ अपनी वर्जीनिटी खोना बहुत ही दर्दनाक होता है। इन्होने बताया कि वह 17 वर्ष से लेकर 27 वर्ष तक वेश्या रहीं।

शगुफ्ता रफीक एक ऐसी ही किरदार हैं, जिन्हें अपनी कैंसर पीड़ित मां के इलाज के लिए दुबई के एक डांस बार में काम करना पड़ा। लेकिन मुश्किल हालात से निकल कर उन्होंने अपने लिए एक ऐसी राह बनाई, जो एक मिसाल है। आज लोग उन्हें ‘आशिकी 2’, ‘वो लम्हे’, ‘जन्नत-2’ और ‘आवारापन’ जैसी दिल छूने वाली बॉलीवुड फिल्मों की कहानी लेखिका के तौर पर जानते हैं। शगुफ्ता की जीवन की कहानी इतनी अधिक दर्दभरी और प्रेरणदायक है।

Check Also

DSP मां ने 68 साल की उम्र में पास की LLB की परीक्षा, अहाना कुमरा ने कहा-मुझे आप पर गर्व है वकील साहिबा

बॉलीवुड अभिनेत्री अहाना कुमरा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि उनकी …