मरीजाें को परेशानी:एसआरएल लैब में कई जरूरी टेस्ट बंद, शनिवार रात जाे सैंपल दिए उनकी रिपाेर्ट भी 12 घंटे बाद

 

एसआरएल लैब में रिपोर्ट का पता करने तीमारदारों का बार-बार आना पड़ा। - Dainik Bhaskar

एसआरएल लैब में रिपोर्ट का पता करने तीमारदारों का बार-बार आना पड़ा।

  • आईजीएमसी में बिना टेस्ट रिपोर्ट के नहीं हो पाया इलाज, मरीजाें को उठानी पड़ी परेशानी
  • बीते सप्ताह आईजीएमसी से केएनएच भेजे थे मरीज

एसआरएल लैब में कई टेस्टाें के रिजेंट खत्म हाेने और मशीनाें की क्लीनिंग करने वाले प्यूरीफाई वाटर के खत्म हाेने के कारण आईजीएमसी में बीते 48 घंटाें से मरीज परेशान हैं। यहां पर रिजेंट खत्म हाेने से अधिकांश मरीजाें काे टेस्ट के सैंपल लेने से इनकार कर दिया गया है। रविवार दिनभर लीवर और किडनी फंक्शनिंग टेस्ट के सैंपल नहीं लिए गए।

जबकि शनिवार देररात आठ बजे जिन मरीजाें से लैब में इमरजेंसी में सैंपल दिए थे, उन्हें रविवार सुबह नाै बजे रिपाेर्ट दी गई, जबकि एसआरएल में दाे घंटे बाद रिपाेर्ट देने का प्रावधान है। ऐसे में ना ताे इमरजेंसी में रात काे आए मरीजाें का इलाज शुरू हाे सका और ना ही वह कहीं और लैब में टेस्ट करवा पाए।

सबसे ज्यादा दिक्कतें रविवार दाेपहर काे आई, जब आसपास की निजी लैब भी बंद रही और एसआरएल लैब में भी सैंपल लेने से इनकार कर दिया गया। मरीज पूरा दिन टेस्ट करवाने के लिए परेशान रहे। आईजीएमसी स्थित एसआरएल में कई दिनाें से दिक्कतें आ रही है।

यहां पर बीते सप्ताह भी रात काे कई रूटीन टेस्ट बंद हाे गए थे, जिसके सैंपल देने के लिए तीमारदाराें काे आईजीएमसी से केएनएच अस्पताल पहुंचना पड़ा। आईजीएमसी से केएनएच के लिए आवाजाही करने में करीब 40 से 50 मिनट का समय लग जाता है। ऐसे में तीमारदाराें के लिए परेशानी खड़ी हाे गई थी। हालांकि दूसरे दिन से रूटीन टेस्ट शुरू कर दिए गए थे।

रविवार काे रिजेंट हुए खत्म

रविवार सुबह कई तीमारदार एसअारएल लैब में लीवर और किडनी के सैंपल लेकर पहुंचे ताे लैब में सैंपल लेने से इनकार कर दिया। तीमारदाराें ने जब इसका कारण पूछा ताे जवाब मिला की इन सभी टेस्ट जांच के रिजेंट खत्म है, जब रिजेंट आएंगे ताे ही टेस्ट शुरू हाेंगे।

जब तीमारदार सैंपल लेकर आसपास के निजी लैब में पहुंचे ताे यहां कई लैब ताे बंद रही, जाे लैब खुली भी थी, वहां पर दाे से तीन गुना अधिक दामाें पर टेस्ट सैंपल देने पड़े। फिर दाेबारा से रिपाेर्ट लेने के लिए उनके कई चक्कर लगे, जिसमें उन्हें काफी परेशानी आई क्याेंकि मरीज के साथ भी तीमारदार का हाेना जरूरी हाेता है।

ऐसे हुई दिक्कत

देररात आठ बजे के करीब डाॅक्टराें ने मरीजाें के टेस्ट सैंपल लिए और उन्हें एसआरएल में जांच के लिए भेजा। यहां पर रुटीन के ब्लड टेस्ट के मरीजाें से सैंपल ताे ले लिए, मगर रिपाेर्ट देने के लिए जब तीमारदार वापस लैब में पहुंचे ताे उन्हें इनकार कर दिया गया और सुबह रिपाेर्ट लेने के लिए कहा।

हालांकि तीमारदाराें ने यह तक कहा कि उनके मरीज इमरजेंसी में आए हैं और रिपाेर्ट देखने के बाद ही डाॅक्टर इलाज शुरू करेंगे, मगर रिपाेर्ट नहीं मिल पाई। सुबह छह बजे से तीमारदार फिर लैब के चक्कर काटने लगे, नाै बजे उन्हें रात के सैंपल की रिपाेर्ट्स मिली। रिपाेर्ट देखने के बाद ही मरीजाें का इलाज शुरू हाे पाया।

क्या कहते हैं मरीज

अपने पिता का इलाज करवाने आए महेंद्र शर्मा ने बताया कि रविवार काे उनके पिता के डाॅक्टर ने किडनी और लीवर के टेस्ट लिखे, जब वह एसआरएल लैब पहुंचे ताे वहां सैंपल लेने से इनकार कर दिया। जब उन्हाेंने इसका कारण पूछा ताे बताया गया कि इसके रिजेंट खत्म है आने के बाद ही टेस्ट शुरू हाेंगे। इसी तरह सचिन ने बताया कि उनकी बेटी अस्पताल में एडमिट है। रात काे आठ बजे उन्हाेंने ब्लड सैंपल दिए थे, जिसकी रिपाेर्ट उन्हें रविवार सुबह नाै बजे मिली। तब तक बेटी का इलाज शुरू नहीं हाे पाया।

एसआरएल लैब में टेस्ट ना हाेने से मरीजाें काे परेशानी आई है। लैब में कुछ दिनाें से यह दिक्कत चल रही है। संबंधित अधिकारियाें काे इसे ठीक करने के आदेश दिए गए हैं। यदि वह इसे दुरुस्त नहीं करते ताे नियमाें के तहत जाे कार्रवाई बनती है वह की जाएगी। मरीजाें काे बेहतर सुविधा देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
डाॅ. जनकराज, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी आईजीएमसी शिमला

 

Check Also

बीजापुर:ऑपरेशन से पहले मरीज का कोरोना का टेस्ट पॉजिटिव

बीजापुर/जगदलपुर : जिले में कोरोना का कोई मामला नही था,लेकिन एक मामला तब सामने आया …