मदरसों के विकास के लिए 25 लाख तक की आर्थिक मदद देगी गहलोत सरकार, 90 प्रतिशत खर्च खुद उठाएगी

योजना में प्राथमिक स्तर के मदरसों को अधिकतम 15 लाख रूपए और उच्च प्राथमिक स्तर के मदरसों को अधिकतम 25 लाख रूपए की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाने का प्रावधान है।

  • मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत मांगे गए है आवेदन
  • योजना में कुल स्वीकृत राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा मदरसा उठाएगी

राजस्थान में मदरसों के विकास के लिए गहलोत सरकार 25 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मुहैया करवाएगी। यह सहायता राशि मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत दी जाएगी। इस संबंध में राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात विभाग में शामिल राजस्थान मदरसा बोर्ड के सचिव ने एक विज्ञप्ति जारी की है। जिसके अनुसार राजस्थान मदरसा बोर्ड में रजिस्टर्ड ए श्रेणी के मदरसों के विकास के लिए मुख्यमंत्री मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत आवेदन मांगे गए है। इसकी प्रारंभ तिथि 14 अक्टूबर है, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2020 है।

-मदरसा बोर्ड के सचिव द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि आवेदन करते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि योजना में पंजीकृत मदरसों के विकास के लिए कक्षा कक्ष, रसोई शेड, पेयजल सुविधा एवं शौचालय इत्यादि का विकास किया जाएगा।

-योजना में प्राथमिक स्तर के मदरसों को अधिकतम 15 लाख रूपए तथा उच्च प्राथमिक स्तर के मदरसों को अधिकतम 25 लाख रूपए की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाने का प्रावधान है।

-योजना में कुल स्वीकृत राशि का 90 प्रतिशत राज्य सरकार और 10 प्रतिशत मदरसा प्रबंधन समिति द्वारा वहन किया जाएगा। इसी तरह, मदरसों में अवसंरचना का विकास राजकीय एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।

-योजना में इच्छुक मदरसों द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों के संबंधित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा। योजना की सभी विस्तृत जानकारी अल्पसंख्यक मामलात विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

सात दिन पहले: मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का दुर्घटना सुरक्षा बीमा का लिया था निर्णय

इससे पहले गहलोत सरकार में अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ मंत्री सालेह मोहम्मद ने प्रदेश के पंजीकृत 3248 मदरसों में अध्ययनरत एक लाख 90 हजार छात्र एवं छात्राओं का भी ग्रुप बीमा करवाने की घोषणा की थी। जो कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट सत्र 2020-21 में वित्त एवं विनियोग विधेयक 2020 पर चर्चा के दौरान की गई घोषणा के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा संचालित राजकीय विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की तरह होगी। इससे अब दुर्घटना होने की स्थिति में इन बच्चों के परिजनों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

योजना में 19.21 लाख रुपये का व्यय किया जायेगा

इस योजना के अनुसार प्रत्येक छात्र एवं छात्राओं के इंश्योरेंस पर राजस्थान मदरसा बोर्ड द्वारा कुल 19.21 लाख रुपये का व्यय किया जायेगा। योजना की समस्त शर्तें स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा निधि) से की गई पॉलिसी अनुसार रखी जाएगी। इस राशि को खर्च करने के लिये मदरसा बोर्ड को वित्त विभाग द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई है। अब इसी सत्र से बच्चों का समूह बीमा करवाया जा सकेगा।

 

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