भूलकर भी किसी महिला को ये दो शब्द कभी ना बोलें, हो सकता है बुरा परिणाम

हमारे प्राचीन ग्रंथों और शास्त्रों में स्त्रियों को समाज में देवी का दर्जा दिया गया है. इसके पीछे कारण ये रहा है की एक स्त्री ही घर को स्वर्ग बनती है और स्त्रियों के द्वारा ही परिवार का विकास होता है और उसकी उन्नति होती है. वक़्त के साथ साथ समाज की मान्यताएं बदलती चली गयी और आज की डेट में महिलाओं को समाज में अपनी इज्जत और जगह पाने के लिए पुरुषों से लड़ना पड़ रहा है. आज हम आपको हमारे प्राचीन धर्मग्रंथों के अनुसार आपको दो ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी भी महिला से भूलकर भी नहीं कहनी चाहिए वर्ना उन्हें उम्र भर पछताना पड़ सकता है. तो आईये जानते हैं की कौन सी हैं वो दो बातें जिन्हें किसी भी स्त्री को कभी नहीं कहनी चहिये.

पहली बात

आपको बता दें की कभी भी किसी स्त्री को बाँझ नहीं कहना चाहिए, इस दुनिया में जरूरी नहीं है की सभी महिलाएं बच्चे पैदा कर सकें. बता दें की महिलाओं में कुछ कमी की वजह से कभी कभी माँ नहीं बन पाती है, इसके आलवा यदि किसी पुरुष में कोई कमी हो तो उससे भी स्त्रियाँ माँ नहीं बन पाती है. लेकिन हमारे समाज में उन स्त्रियों को काफी बुरी नजर से देखा जाता है जो की माँ नहीं बन पाती है, बता दें की ऐसी स्त्रियों को अक्सर लोग बाँझ बोल देते हैं. अब आपको बता दें की एक माँ बनना किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है और यदि कोई महिला इससे वंचित रह जाती है तो उसे खुद ही काफी दुःख होता है और ऐसे में यदि कोई उन्हें बाँझ कहकर बुलाएं तो ये बात उनकी दिल में किसी कांटे की तरह चुभती है जो की काफी दिल को दुखाने वाला होता है. आपको बता दें की यदि आप किसी महिला को बाँझ कहते हैं तो हो सकता है की ये बात उन्हें काफी ज्यादा बुरी लगे और तैश में आकर वो आपको कोई बददुआ दे दें, शःस्त्रों में लिखा है की किसी भी महिला की बददुआ कभी नहीं लेनी चहिये क्यूंकि वो दिल से बोलती है जो भी बोलती है और इससे आपका काफी नुकसान भी हो सकता है.

दूसरी बात

बता दें की महिलाओं को कहे जाने वाला दूसरा शब्द है “वेश्या”, किसी भी महिला को भूलकर भी ये शब्द ना बोलें. आपको बता दें की ये एक ऐसा शब्द है जिससे महिलाओं की भावनाएं जुड़ी होती है, इस दुनिया में कोई हबी महिला ऐसी नही है जो अपनी ख़ुशी से “वेश्या” का काम करती है बल्कि इसके लिए उन्हें मजबूर होना पड़ता है. किसी के घर के हालात ऐसे होते हैं की उनके पास ऐसा काम करने के आलवा और कोई चारा नहीं बच जाता है, इसलिए चाहे जो भी जो जाए लेकिन किसी भी महिला को भूलकर भी ये शब्द नहीं कहना चाहिए. बता दें की ये एक ऐसा शब्द है जो की किसी भी महिला को काफी हद तक तोड़ सकता है और इससे उनकी भावनाएं भी आहत होती है इसलिए ऐसा किसी को बोलने से पहले एक बार सोच लें वर्ना आपको भी उस महिला की बददुआ लग सकती है .

तो ये थे वो दो शब्द जो किसी भी महिला को कभी नहीं कहना चहिये क्यूंकि इससे उनकी भावनाएं काफी बुरी तरह से प्रभावित होती है.

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