भारी बारिश से टूटा 116 साल पुराना पुल, नदी में खिलौने की तरह बही कारें और बस, 70 लोगों की हुई मौत

मानव सभ्यता (Human Civilization) ने हजारों साल पहले पुलों (Bridges) का निर्माण किया. अपने निर्माण के समय से ही पुलों ने लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम किया है. लेकिन कई बार पुल के टूटने या नदी के तेज बहाव के चलते इसके बहने से इसने अपनों से उनके चाहने वालों को जुदा भी किया है. ऐसी ही एक घटना आज के दिन पुर्तगाल (Portugal) में हुई, जब 116 साल पुराना पूल टूट गया. इस दौरान पुल के ऊपर मौजूद एक बस और दो कार नदी में गिर गई. इस हादसे में 70 लोगों की मौत हो गई. माना गया कि इस घटना के पीछे की वजह तेज बारिश थी, जिसके चलते पुल का एक पिलर टूट गया.

एंट्रे-ओस-रियोस (Entre-os-Rios) का 116 साल पुराना धातु का पुल पुर्तगाल के दो शहरों कैस्टेलो डी पावा (Castelo de Paiva) और पेनाफिल (Penafiel) के शहरों को जोड़ता था. 4 मार्च 2001 को एक बस में सवार होकर स्थानीय लोग सैर के लिए पुल से गुजर रहे थे. वहीं, दो कारें भी इस दौरान पुल से गुजर रही थीं. लेकिन तभी पुल भरभराकर गिर पड़ा. दोनों कारें नदी के आगोश में समा गईं. माना गया कि 200 मीटर लंबे इस पुल के ध्वस्त होने का कारण इसे सहारा देने वाले एक लंबे पिलर का भारी बारिश के कारण गिर जाना था. पुल के कुछ हिस्से नदी में गिर गए. इस घटना में 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई.

नदी के तेज बहाव में डूबे लोग

पुर्तगाल में इस हादसे को हिंटेज रिबेरो आपदा (Hintze Ribeiro disaster) के तौर पर जाना जाता है. 4 मार्च की रात को स्टील, कंक्रीट और इसे बनाने वाले प्रधानमंत्री एर्नेस्टो हिंटेज रिबेरो के नाम से बना हिंटेज रिबेरो पुल भरभराकर गिर गया. इस पुल का निर्माण डोरो नदी पर किया गया था. पुल पर मौजूद बस और कारों के नदी में गिरने के बाद चीख-पुकार मच गई. भारी बारिश की वजह से नदी का तेज बहाव और तूफान ने इसमें डूबने वाले लोगों को बचने का कोई मौका नहीं दिया. नदी में गिरने वाले अधिकतर पीड़ित डूबकर मर गए. वहीं, कुछ की मौत पुल के मलबे के नीचे आने से हो गई.

स्पेन और फ्रांस के तट पर मिली लाशें

यहां गौर करने वाली बात ये है कि नदी से दुर्घटनास्थल की दूरी 30 किलोमीटर थी. लेकिन नदी के तेज बहाव के चलते कुछ लोगों की लाशें स्पेन के उत्तरी तट और एक लाश तो फ्रांस के तट पर मिली. घटना के तुरंत राहत एवं बचाव टीम को लोगों की मदद के लिए दुर्घटनास्थल पर रवाना किया गया. ये पुल करीब 100 साल पुराना था और भारी बारिश के चलते इसके टूटने का खतरा मंडरा रहा था. लेकिन प्रशासन ने लापरवाही दिखाते हुए इसे बंद नहीं किया. दूसरी तरफ, डोरो नदी के किनारे गायब और बह गए लोगों के परिजन अपने चाहने वालों को ढूंढ़ रहे थे. देश के सबसे बेहतरीन गोताखोरों को लोगों को ढूंढ़ने में लगाया गया था. राहत एवं बचाव कार्य समाप्त होने पर पता चला कि इस हादसे में 70 लोग मारे गए.

हादसे के बाद बंद हुए देश के दर्जनों पुल

इस घटना के कुछ घंटे बाद देश के परिवहन मंत्री ने पद से इस्तीफा दे दिया. देश के लोगों के बीच पुल हादसे को लेकर गुस्सा था. घटना के बाद अगले सप्ताह पुर्तगाल के कई हिस्सों में दर्जनों पुलों को बंद कर दिया गया और उनकी मरम्मत शुरू की गई. इस घटना ने पूरे देश को व्यापक रूप से आघात पहुंचाया, जिसमें सभी टेलीविजन नेटवर्क लगातार समाचार बुलेटिन प्रसारित करते रहे. वहीं, पीड़ितों के रिश्तेदारों की मदद के लिए कई एकजुटता अभियान चलाए गए. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि नदी किनारे होने वाले अवैध रेत के खनन के चलते पुल कमजोर हुआ था, जिसने इस हादसे को दावत की.

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