भारतीय महिला फुटबॉल टीम का कैम्प गोवा में एक दिसंबर से, वुमन्स एशियन कप की तैयारी में जुटेंगी

 

महिला एशियन फुटबॉल कप 2022 भी भारत में ही होगा। यह टूर्नामेंट 42 साल बाद देश में होने जा रहा है।

भारतीय महिला फुटबॉल टीम गोवा में एक दिसंबर से अपने नेशनल कैम्प की शुरुआत करने जा रही है। कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के बाद से टीम का यह पहला कैम्प होगा। हेड कोच मेयमॉल रॉकी ने कैम्प के लिए 30 खिलाड़ियों को समन किया है। कैम्प में AFC वुमन्स एशियन कप 2022 की तैयारियों पर फोकस किया जाएगा।

टीम की ट्रेनिंग शुरू होने से पहले विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) तैयार की गई है। कोविड-19 प्रोटोकॉल और गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए ही ट्रेनिंग शुरू की जाएगी।

मैदान पर वापसी के लिए टीम तैयार
नेशनल टीम के डायरेक्टर अभिषेक यादव ने बताया कि टीम जल्द से जल्द मैदान पर वापसी करना चाहती है। पिछले कुछ महीने हमारे लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। ऐसे में पूरी सावधानी के साथ भारतीय फुटबॉल को आगे बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा फोकस एशियन कप पर है। टूर्नामेंट भारत में ही होना है। ऐसे में तारीख के ऐलान के वक्त हमें पूरी तरह तैयार रहना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि टीम की सुरक्षा हमारे लिए सबसे अहम है। इस संबंध में हम कोई भी कसर नहीं छोड़ेंगे।

इन प्रोटोकॉल को फॉलो करना होगा

  • अपने होमटाउन से निकलने से पहले खिलाड़ी को ICMR से मान्यता प्राप्त लैब से कोरोना टेस्ट कराना होगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही वह सावधानी के साथ ट्रैवल कर सकते हैं।
  • गोवा पहुंचकर सभी को रैपिड एंटीजन टेस्ट कराना होगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही खिलाड़ी अपने रूम में जा सकेंगे।
  • खिलाड़ियों को यहां 7 दिन तक क्वारैंटाइन रहना होगा। इस दौरान खिलाड़ियों की सेहत की मॉनिटरिंग की जाएगी।
  • 8वें दिन रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही खिलाड़ी ट्रेनिंग से जुड़ सकेंगे।
  • इस दौरान हेल्थ मिनिस्ट्री और लोकल अथॉरिटी की ओर से जारी की गई गाइडलाइन का भी पालन करना होगा।

महिला एशिया फुटबॉल कप 2022 भी भारत में ही होगा
2022 में होने वाला अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप भारत में होने वाला दूसरा फीफा टूर्नामेंट है। इससे पहले देश को 2017 में अंडर-17 पुरुष वर्ल्ड कप की मेजबानी मिल चुकी है। वहीं, महिला एशियन फुटबॉल कप 2022 भी भारत में ही होगा। यह टूर्नामेंट 42 साल बाद देश में होने जा रहा है। इससे पहले 1979 में मेजबान मिली थी, तब भारतीय टीम रनरअप रही थी।

 

Check Also

ISL 2020: हैदराबाद के सामने सुनील छेत्री की बेंगलुरु एफसी, जीत के लिए बदलनी होगी योजना

पूर्व चैम्पियन बेंगलुरु एफसी (Bengaluru FC) ने इंडियन सुपर लीग (ISL) में एफसी गोवा से …