बड़ी खबर: आने वाले साल 2050 तक इंडिया हो जायेगा बूढ़ा, वजह जान रह जाएंगे दंग

आपने आजतक बुढापा किसी इंसान या फिर जानवार में आते देखा होगा लेकिन अज हम आपको जो बताने जा रहे हैं उसके अनुसार आने वाले कुछ सालों में हमारा देश यानी की इंडिया भी बूढ़ा हो जाएगा. जी हाँ आज हम आपको एक ऐसा चौंकाने वाले खुलासे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे की आखिर सच में कोई देश कैसे बूढ़ा हो सकता है. जानने के लिए आप जरूर काफी उत्सुक होंगें तो देर की बात की आईये आपको बताते हैं की आखिर क्या है साल 2050 तक इंडिया के बूढ़े होने के पीछे की कहानी. इस रिपोर्ट के जरिये हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आपको भी काफी हैरानी होगी की असल में कोई देश कैसे बूढ़ा हो सकता है.

आपको बता दें की हाल ही में एक अमेरिकी पापुलेशन एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट जारी करके इस बारे में जानकारी दी है की आने वाले साल 2050 तक भारत बूढ़ा हो जाएगा. बता दें की इसके पीछे असली वजह है साल 2050 तक हिन्दुस्तान में बुजुर्गों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ जायेगी, जी हाँ लेटेस्ट रिपोर्ट की माने तो साला 2050 तक इंडिया की आधी से ज्यादा आबादी में केवल 65 साला से अधिक उम्र के बुजुर्ग ही शामिल होंगे जिससे की ये देश एक बूढ़ा देश कहलायेगा. आपको बता दें की अमेरिकी पापुलेशन एजेंसी की इस रिपोर्ट के अनुसार आने वाले साल 2050 तक इंडिया में बुजुर्गों की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ जाएगी जिससे यहाँ की आधी से ज्यादा आबादी बूढ़ा होगा और लिहाजा इंडिया को एक बूढ़ा देश घोषित कर दिया जाएगा.

आपको जानकर हैरानी होगी आज इंडिया में पापुलेशन का जो स्केल है उसके अनुसार आने वाले साल 2050 तक देश की जनसँख्या बढ़कर करीबन एक सौ सत्तर करोड़ के आसपास पहुँच जाएगा. बता दें की अगर ऐसा होता है तो आने वाले 30 सालों में अगर इस दर से जनसंख्या बढती रही तो देश में पन्ध्रह साल के बच्चों के संख्या करीबन बीस प्रतिशत कम हो जायेगी जिसे देश में बुजुर्गों की संख्या बढ़ जायेगी और युवाओं की संख्या कम हो जायेगी. आपको बता दें की अमेरिकी पापुलेशन एजेंसी के द्वारा जारी इस रिपोर्ट में साफ तौर पर इस बात का जिक्र गया है की इंडिया में अभी बच्चों का जन्म दर 28 प्रतिशत है वहीँ आने वाले सालों में ये दर घट के करीबन 19 प्रतिशत के लगभग ही रह जायेगा. इस जारी रिपोर्ट के अनुसार आनेवाले सालों में भारत के नया राज्यों जैसे की केरल, गोवा और हिमाचल प्रदेश आदि कुछ ऐसे राज्य बन जाएंगे जहाँ की जनसँख्या में करीबन पूरी आबादी ही बूढी कहलाएगी.

इसके अलावा आपको बता दें की भारत के कुछ राज्यों जैसे की अरुणाचल प्रदेश. सिक्किम, मेघालया और नागालैंड एवं मिजोरम में फिलहाल बुजुर्गों की संख्या सबसे ज्यादा कम है जी की आने वाले सालों में जन्म दर घटने की वजह से काफी बढ़ सकती है. इसलिए वर्ल्ड पापुलेशन एजेंसी का कहना है की जब तक इंडिया में जन्म दर और मृत्यु दर में एक बराबर ग्राफ नहीं बन जाता तब तक यहाँ की स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी की जो आने वालों सालों में चिंता का एक मुख्य विषय बन सकता है.

 

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