ब्रिटेन में बालों के हवाले से कोविड-19 पर किया गया शोध, गंजे पुरुषों के लिए चौंकानेवाली खबर

क्या गंजा होना कोविड-19 के खतरों को न्यौता देना है? कोरोना वायरस का गंजेपन से भी कोई संबंध है? इस सिलसिले में किए गए शोध के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन में कोरोना वायरस मरीजों के आंकड़ों का अध्ययन किया. उन्होंने बताया कि जो पुरुष जितना ज्यादा गंजेपन का शिकार है, उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है. यहां तक की बीमारी का लक्षण भी गंभीर हो सकता है. 
क्या गंजापन कोविड-19 के लिए खतरा है?
ब्रिटेन में बालों के हवाले से किए गए शोध में हेयर लॉस और कोरोना वायरस की गंभीरता के बीच संबंध का पता लगाया गया. वैज्ञानिकों का कहना था कि गंजे पुरुषों में कोरोना वायरस के खतरे की आशंका ज्यादा पाई गई. उनमें बीमारी के लक्षण भी ज्यादा गंभीर होने को लेकर वैज्ञानिकों ने आशंका जताई. शोधकर्ताओं ने 2 हजार पुरुषों के बालों के पैटर्न का अध्ययन किया. इस दौरान ये बात सामने आई कि गंजेपन के शिकार पुरुष 20 फीसद कोरोना वायरस का शिकार हुए जबकि बाल वाले पुरुष 15 फीसद बीमारी से ग्रसित पाए गए.
ब्रिटेन में बालों के हवाले से किया गया शोध
इस आधार पर उन्होंने नतीजा निकाला कि पुरुषों के हार्मोन कोरोना वायरस को कोशिकाओं पर हमला करने में मदद पहुंचाते हैं क्योंकि गंजेपन के शिकार पुरुषों में एंड्रोजन नामी हार्मोन पाया जाता है. यही हार्मोन दरअसल उनके गंजेपन की वजह होता है. वैज्ञानिकों ने बताया कि जो शख्स पूरी तरह गंजा होगा उसके कोरोना वायरस से पीड़ित होकर अस्तपाल पहुंचने की आशंका 40 फीसद ज्यादा रहती है. हालांकि शोध को बहुत ज्यादा मजबूत नहीं माना जा रहा है. शोध पर अन्य विशेषज्ञों ने सवाल उठाते हुए कहा है कि कई अन्य कारण भी गंजे पुरुषों की मौत के पीछे हो सकते हैं. उनका कहना है कि शोध में जातीयता को शामिल नहीं किया गया है.

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