बिहार में बनेगी मेडिकल रिसर्च रुरल हेल्थ यूनिट:अब साइंटिस्ट ढूढ़ेंगे बिहारियों में हाइपर टेंशन और डायबटीज के कारण; RMRIMS करेगा शोध

 

हाइपर टेंशन और डायबटीज पर RMRIMS की निगरानी में शोध होगा। - Dainik Bhaskar

हाइपर टेंशन और डायबटीज पर RMRIMS की निगरानी में शोध होगा।

  • भारत सरकार के प्रोजेक्ट पर MRHRU बनाने की तैयारी, मुजफ्फरपुर में होगी बिहार की यूनिट
  • एनीमिया प्रिग्नेसी पर भी होगा रिसर्च, खून की कमी से गर्भवती महिलाओं को बचाने पर होगा काम

बिहारियों में डायबिटीज और हाइपर टेंशन पर कारण साइंटिस्ट ढूढेंगे। यह क्यों और किन कारणों से तेजी के साथ बढ़ रहा है। इस पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही साइंटिस्ट बिहार की लोकल बीमारियों पर भी काम करेंगे। केंद्र सरकार का यह बड़ा प्रोजेक्ट है जिसकी शुरुआत बिहार में हो रही है। मुजफ्फरपुर में इसके लिए बिहार की पहली MRHRU (मेडिकल रिसर्च रुरल हेल्थ यूनिट) तैयार की जा रही है। इसकी निगरानी RMRIMS पटना से होगी। साइंटिस्टों का कहना है कि इस यूनिट के तैयार होने से शोध का काम आसान होगा और बीमारियों का कारण तलाशा जा सकेगा।

ऐसे काम करेगी यूनिट

मुजफ्फरपुर में मेडिकल रिसर्च रुरल हेल्थ यूनिट पूरे बिहार का एक मात्र सेंटर होगा जहां हाइपर टेंशन और डायबिटीज पर RMRIMS की निगरानी में शोध होगा। RMRIMS के निदेशक डॉ कृष्णा पांडेय का कहना है कि इस यूनिट को मुजफ्फरपुर के कुढ़नी PHC के कैंपस में बनाया जाएगा। इसके लिए CPWD ने काम करना शुरु कर दिया है। इसका निरीक्षण भी किया जा चुका है। कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होने के बाद शोध पर काम करना शुरु हो जाएगा। यह बिहार का एक मात्र सेंटर होगा जहां हाइपर टेंशन और डायबिटीज पर RMRIMS की मॉनिटरिंग में शोध होगा।

एडवाइजरी कमेटी से मिला अप्रूवल

RMRIMS के निदेशक डॉ कृष्णा पांडेय का कहना है कि MRHRU के लिए साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी से अप्रूवल मिल गया है। यह अप्रूवल ले लिया गया है कि इस यूनिटी में हाइपर टेंशन और डायबिटीज पर शोध किया जाएगा। इस पर योजना चल रही है।

कारण के साथ होगी पड़ताल

साइंटिस्ट हाइपर टेंशन और डायबिटीज का पूरा कारण तलाश करेंगे। इसमें फोकस ग्रामीण क्षेत्र को लेकर विशेष रूप से होगा कि यहां यह बीमारी क्यों बढ़ रही है। ऐसी बीमारियों पर भी अध्ययन किया जाएगा जा लाेकल हैं और क्षेत्र के लोगों को परेशान करती हैं। इस पर भी काम करने को लेकर बड़ी योजना है। साइंटिस्ट ऐसी बीमारियों का कारण तालाश कर यह बताएंगे कि किस तरह से इसपर काबू पाया जा सकता है।

एनीमिया प्रिग्नेनेंसी पर भी होगा रिसर्च

MRHRU मेडिकल रिसर्च रुरल हेल्थ यूनिट में एनीमिया प्रिग्नेंनसी पर भी शोध किया जाएगा। यह बिहार की बड़ी समस्या है और इससे हर साल मां बच्चे की जान पर बड़ा खतरा होता है। अधिक संख्या में महिलाओं की मौत एनीमिया प्रिग्नेंसी के कारण होती है। RMRIMS के निदेशक डॉ कृष्णा पांडेय का कहना है कि एनीमिया प्रिग्नेंसी काफी खतरनाक होती है। इसमें जान जाने का खतरा होता है। ऐसे बढ़ते मामले को लेकर ही एनीमिया प्रिग्नेंसी पर रिसर्च करने की तैयारी की गई है। MRHRU मुजफ्फरपुर में हाइपर टेंशन डायबटीज कके साथ साथ एनीमिया प्रिग्नेंसी पर भी रिसर्च का काम किया जाएगा।

 

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