बिटक्वाइन को वैध मुद्रा बनाने वाला पहला देश बना अल साल्वाडोर

 

सेंट्रल अमेरिकन देश अल साल्वाडोर ने दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन को देश की वैध मुद्रा बनाने के बिल को मंजूरी दे दी है। यह बिटक्वाइन को वैध करेंसी घोषित करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। अल साल्वाडोर की आधिकारिक मुद्रा अमेरिकी डॉलर है। देश में अमेरिकी डॉलर पहले की तरह वैध मुद्रा बनी रहेगी और बिटक्वाइन का उपयोग वैकल्पिक रहेगा। सोमवार को अल साल्वाडोर कांग्रेस ने राष्ट्रपति नायब बुकेले के क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस संदर्भ में अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा कि, ’62 मतों के साथ, सत्र ने #LeyBitcoin को मंजूरी दी है, जिसके साथ बिटक्वाइन अल साल्वाडोर की कानूनी मुद्रा बन गई है।’

90 दिनों में लागू होगा कानून
बिटक्वाइन को वैध मुद्रा बनाने का कानून 90 दिनों में लागू हो जाएगा। पांच जून को राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा था कि वे बिटक्वाइन को देश की वैध मुद्रा बनाने के लिए जल्द ही बिल पेश करेंगे।

विदेशों में रहने वाले नागरिकों के लिए घर पर पैसे भेजना होगा आसान
अल-साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले का कहना है कि बिटक्वाइन को आधिकारिक मुद्रा बनाने से विदेशों में रहने वाले साल्वाडोर के नागरिकों के लिए घर पर पैसे भेजना आसान हो जाएगा। बुकेले ने एक ट्वीट में कहा कि, ‘यह हमारे देश के लिए वित्तीय समावेशन, निवेश, पर्यटन, नवाचार और आर्थिक विकास लाएगा।’

इस कदम से साल्वाडोर के लोगों के लिए वित्तीय सेवाएं खुल जाएंगी। विदेशों में काम कर रहे साल्वाडोर के लोग काफी तादाद में करेंसी अपने घर भेजते है। विश्व बैंक के डाटा के अनुासार, साल 2019 में लोगों ने कुल छह अरब डॉलर देश में भेजे थे।

क्या है बिटक्वाइन?
बिटक्वाइन एक प्रकार की डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टो-करेंसी है, जो तत्काल भुगतान को सक्षम बनाती है। बिटक्वाइन को वर्ष 2009 में दुनिया के सामने पेश किया गया था। यह एक ओपन-सोर्स प्रोटोकॉल पर आधारित है और इसे किसी भी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं किया जाता है।

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