बांग्लादेश के शिविर से भागे 10 रोहिंग्या गिरफ्तार:बिहार से होकर दिल्ली जाने वाली ट्रेन से धराए, न्यू जलपाईगुड़ी GRP के हवाले किए गए

बिहार के किशनगंज जिले से सटे न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किए 10 रोहिंग्या मुसलमानों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी अगरतला-नई दिल्ली राजधानी स्पेशल ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे। इनमें तीन पुरुष, दो महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीम ने बुधवार की दोपहर इन्हें गिरफ्तार किया। ये सभी बांग्लादेश से फरार होकर आए हैं। फिलहाल कानूनी कार्रवाई के लिए गिरफ्तार सभी रोहिंग्या को न्यू जलपाईगुड़ी GRP के सुपुर्द कर दिया गया है।

चकमा देने की फिराक में थे
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी शुभानन चंदा के अनुसार ये सभी रोहिंग्या बांग्लादेश के कोक्स बाजार स्थित कुटुपालंग शिविर से फरार होकर आए हैं। ये लोग ट्रेन में रेलवे कर्मचारियों को चकमा देने की फिराक में थे। हालांकि इस बात का खुलासा नहीं हो सका कि ये लोग दिल्ली क्यों जा रहे थे। ट्रेन अधीक्षक की तत्परता के कारण इनकी गिरफ्तारी हुई। कुटुपालंग शिविर बांग्लादेश में म्यांमार से आए रोहिंग्या मुसलमानों का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर है।

ट्रेन अधीक्षक की तत्परता से धराए
शुभानन चंदा ने बताया कि अगरतला-नई दिल्ली राजधानी स्पेशल ट्रेन में ड्यूटी कर रहे ट्रेन अधीक्षक गुवाहाटी स्टेशन पर ट्रेन में सवार यात्रियों के टिकट की जांच कर रहे थे। वे यात्रियों के पहचान पत्रों की भी जांच कर रहे थे। तभी उन्हें B7 कोच में यात्रा कर रहे कुछ यात्रियों पर संदेह हुआ। ट्रेन अधीक्षक ने सभी संदिग्ध यात्रियों की पुलिस पदाधिकारी से जांच कराने के लिए संबंधित विभाग में मेमो भेजा। उसी मेमो के आधार पर न्यू जलपाईगुड़ी की RPF और GRP की टीम ने दोपहर 1.40 बजे ट्रेन के वहां पहुंचने पर जांच की। टीम के सदस्यों ने पाया कि 3 पुरुष 2 महिलाओं और 5 बच्चों के साथ संदेहास्पद नागरिक के रूप में यात्रा कर रहे हैं। सभी की जांच की गई। जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो समूह में शामिल पुरुषों ने बताया कि वे लोग रोहिंग्या समुदाय से हैं, 11 जनवरी को अगरतला स्टेशन से इस ट्रेन में सवार हुए थे। 10 जनवरी को बांग्लादेश के कोमिल्ला से भारत के सोनामुरा में घुसे थे। उन सभी को एक एजेंट ने ट्रेन में बिठाया था।

कुटुपालंग में बांग्लादेश का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर
कुटुपालंग शिविर बांग्लादेश के कोक्स बाजार में है। यह शिविर 1991 में शुरू हुआ था। धीरे-धीरे यह बड़ा होता गया। यह दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविरों में से एक है। यहां छोटे से क्षेत्र में बनीं छोटी-छोटी झोंपड़ियों में कई लोग साथ रहते हैं। मात्र 13 वर्ग किलोमीटर में लगभग 6 लाख लोग रहते हैं। ज्यादातर रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार से भागकर वहां पहुंचे हैं। 2017 में रोहिंग्या विद्रोही समूह के हमले के बाद म्यांमार की सेना ने भयंकर कार्रवाई की थी। वहां म्यांमार की सेना द्वारा बड़े पैमाने पर बलात्कार, नरसंहार करने और घरों को जलाने के आरोप हैं। अब बांग्लादेश के निवासियों की आंखों में भी ये खटकने लगे हैं। उनका आरोप है कि रोहिंग्या शरणार्थी उनकी नौकरियों और व्यवसाय के लिए खतरा हैं। ये शरणार्थी बांग्लादेश आपराधिक वारदातों को भी अंजाम दे रहे हैं।

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