बजट सत्र के तीसरे दिन भी हंगामा LIVE:तेजस्वी ने मंत्री अमरेंद्र प्रताप से मांगा इस्तीफा, मंत्री बोले- उनकी समझदारी को चुनौती नहीं देना चाहता

 

  • धान अधिप्राप्ति की तिथि 25 मार्च तक बढ़ाने की मांग को सरकार ने अस्वीकृत किया
  • विधानसभा में किसानों के मुद्दे पर राजद विधायक ने लाया कार्यस्थगन प्रस्ताव

बजट सत्र के तीसरे दिन भी कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा में हंगामा शुरू हो गया। धान अधिप्राप्ति की तारीख बढ़ाने को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तल्खियां बढ़ गई। राजद विधायक सुधाकर सिंह ने धान खरीद की तारीख 25 मार्च तक बढ़ाने की मांग की। जवाब में सहकारिता मंत्री अमरेंद्र प्रताप ने कहा कि अब तारीख नहीं बढ़ाई जा सकती है। इसके बाद तेजस्वी यादव ने किसानों के मुद्दे पर सहकारिता मंत्री से इस्तीफे की मांग कर दी। सदन के बाहर जवाब देते हुए अमरेंद्र प्रताप ने कहा कि उनकी समझदारी को चुनौती नहीं दे सकता।

धान अधिप्राप्ति पर विपक्ष ने किया वॉक आउट
धान अधिप्राप्ति की तिथि 25 मार्च तक बढ़ाने की मांग पर मंत्री अमरेंद्र प्रताप ने कहा कि 21 फरवरी तक 35.59 लाख मैट्रिक धान से अधिक धान खरीद हुई है, धान अधिप्राप्ति की तारीख अब नहीं बढ़ाई जाएगी। बिहार में अब तक सबसे ज्यादा धान की खरीद हुई है। किसानों के पास अब धान नहीं है, मिलर और बिचौलियों को फायदा पहुंचाने के लिए अब धान अधिप्राप्ति की तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार और धान नहीं खरीद सकती, इस वजह से सरकार धान खरीद की तारीख नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार MSP पर धान नहीं खरीद सकती है तो बिहार का पेट कैसे भरेगा। सदन में ऐसे बयान देने वाले मंत्री को भी तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। सदन के बाहर अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव की समझदारी को चुनौती नहीं देना चाहता हूं। वे किसानों के बदले बिचौलियों को MSP का पैसा दिलवाना चाहते हैं। इस वजह से ही धान अधिप्राप्ति की तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले RJD विधायक भाई बीरेंद्र ने आसन की ओर उंगली दिखाई तो विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा भड़क गए। उन्होंने कहा कि सदन के सदस्य को आसन की ओर उंगली नहीं दिखानी चाहिए। इसके बाद RJD विधायक ने उंगली नीचे कर ली।

तेजस्वी को श्रेयसी सिंह का जवाब
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने टीचरों की नियुक्ति का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के ऑर्डर के बावजूद नियुक्ति पत्र अभी तक नहीं दिया गया है। कोरोना के दौरान भारी घोटाला हुआ है। फर्जी नंबर से हो रही थी जांच। 35 हजार एंटीजन टेस्ट किट पूर्णिया से गायब हो गया। क्वारेंटाइन सेंटर को लेकर 2.5 सौ करोड़ का घोटाला हुआ है। दिल्ली में आंदोलन कर ढाई सौ से ज्यादा किसान शहीद हो गए। लेकिन मुख्यमंत्री ने शोक नहीं जताया। तेजस्वी यादव ने सदन में बैठी BJP विधायक श्रेयसी सिंह का नाम लेते हुए कहा कि वो बिहार में शूटिंग रेंज के बारे में बताएंगी। इसका जवाब देते हुए श्रेयसी सिंह ने कहा कि आपको इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, शूटिंग रेंज राजगीर में बन रहा है। श्रेयसी बैठ कर ही जवाब दे रही थीं, इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने उन्हें खड़ा होकर अपनी बात कहने की सलाह दी।

विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन करते विपक्ष के विधायक।

विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन करते विपक्ष के विधायक।

अनुमंडल स्तर पर खोले जा रहे हैं डिग्री कॉलेज

विधानसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने नए सदस्यों को नियमावली को ध्यान में रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नाम पुकारे जाने पर अपनी जगह पर खड़े होकर बोलें। साथ ही सभी अपनी जगह पर बैठें। उन्होंने नए सदस्यों को धैर्य रखकर कार्यवाही को समझने की भी सलाह दी। वहीं, राजद विधायक विधायक समीर महासेठ के सवाल पर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि प्रथम चरण में जिन अनुमंडल में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां कॉलेज खोले जाएंगे। 10 अनुमंडल में पहले ही डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। छात्रों की संख्या बढ़ने पर आगे भी कॉलेज खोले जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज खोलने में भूमि की समस्या आती है। लेकिन सरकार समाधान कर रही है। सरकार शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण सुधार कर रही है। बिहार के 80 हजार बच्चे निजी कोचिंग संस्थान में बाहर पढ़ने जाते हैं। यहां भी कई अच्छे संस्थान हैं। कोटा-हैदराबाद जाने वाले ही सिर्फ सफल हो रहे हैं, ऐसा नहीं है। पटना के बच्चे भी अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ियां कर रहे हैं।

पोस्टर के जरिए विधानमंडल परिसर में प्रदर्शन।

पोस्टर के जरिए विधानमंडल परिसर में प्रदर्शन।

इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 का हुआ जिक्र
विधानसभा मे इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 के अनुसार बिहार के शैक्षणिक स्तर का स्कोर सबसे नीचे 35.24 होने का मामला भी विधानसभा में उठा। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि 8385 पंचायतों में उच्चमाध्यमिक विद्यालयों की स्थापना की गई है। शिक्षकों के लिए परीक्षा ली जा रही है, न्यायालय ने जो बहाली की प्रक्रिया रोकी है। उसके लिए भी अनुमति ली जा रही है। 2017-18 में 2000 माध्यमिक और 4000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला की स्थापना कराई गई है। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। इसका परिणाम भी दिखने लगा है। अब बच्चे फर्स्ट आ रहे हैं, सेकंड आने वाले छात्रों की संख्या घटी है। तीन नए विवि खोले गए हैं। पाटलिपुत्र, पूर्णिया और मुंगेर में विवि खोले गए हैं।

शिक्षा मंत्री के जवाब पर क्या बोले तेजस्वी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शिक्षा मंत्री के जवाब पर बोलते हुए कहा कि 15 साल में शिक्षा की गुणवत्ता खत्म कर दी गई है। स्कूल में शिक्षक नहीं है। सरकार इसके लिए क्या कर रही है। सरकार को बताना चाहिए कि कितने स्थाई शिक्षक हैं और कितने नियोजित शिक्षक हैं। वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा ने बच्चों को किताब उपलब्ध कराने और दूरदर्शन से पढ़ाई का मामला उठाया। इसका जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि कोरोना में बच्चों को पढ़ने के लिए किताब को वेबसाइट पर अपलोड कराया गया है। किताब के लिए DBT के माध्यम से बच्चों के खाते में राशि दी गयी है। जिससे बचे खुद बाजार से किताब खरीदते हैं।

मिथिलाक्षर लिपि में पढ़ाई का उठा मामला

विधानसभा में मिथिलाक्षर लिपि की पढ़ाई का मामला विधायक संजय सरावगी ने उठाया। सदन में उन्होंने कहा कि मिथिलाक्षर मूल रूप से मैथिली की लिपि है। इसको संरक्षित किया जाए और इसी लिपि में प्राथमिक विद्यालय से बच्चों की पढ़ाई कराई जाए। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने इसपर जवाब देते हुए कहा कि मैथिली देवनागरी में लिखी जाती है और महाकवि विद्यापति ने भी मैथली को लोकप्रिय बनाने के लिए देवनागरी लिपि का ही प्रयोग किया था। सरकार मिथिलाक्षर लिपी में बच्चों की पढ़ाई का विचार नहीं रखती है। देवनागरी लिपि में ही मैथिली की कराई जाएगी।

फसल बर्बाद होने पर मुआवजे का उठा मुद्दा

विधायक कुंदन कुमार ने नीलगाय से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे का मामला उठाया। इसका जवाब देते हुए पर्यावरण मंत्री नीरज सिंह ने कहा कि यदि जंगली जानवर फसल बर्बाद करते है तो उन्हें प्रति हेक्टेयर 25 हजार मुवावजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नीलगाय को घोड़पडास बोला जाए। साथ ही बताया कि घोड़पडास जंगली जानवर की श्रेणी में तो है। लेकिन इनके बर्बादी पर कोई मुवावजा नहीं है।

विधानपरिषद में क्या बोले उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन

उधर, विधानपरिषद में उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने पहली बार सवाल का जवाब दिया। MLC संजीव श्याम सिंह ने पूछा कि राज्य में निवेश को लेकर सरकार कितनी गंभीर है। जवाब देते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार में 27 में से एक भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। बिहार में एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रोलियम से चलने वाली इंडस्ट्री की अपार संभावनाएं हैं। बायोवेस्ट इंडस्ट्री लगाने से रोजगार भी यहां मिलेगा। वहीं, विधान पार्षद दिलीप कुमार जयसवाल ने आर ब्लॉक से दीघा सड़क के संपर्क पथ का मामला उठाया। जवाब में पथ परिवहन मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि अंडरपास संभव नहीं है। तीन फ्लाईओवर सड़क पर बनाए गए हैं। अंडरपास बनाने पर वाटर लॉगिंग का संकट हो सकता है।

 

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