बजट का फोकस ग्रोथ पर:वित्त मंत्री ने कहा- देश की ग्रोथ में प्राइवेट सेक्टर की अहम भागीदारी, कोरोना वैक्सीन इसका सफल उदाहरण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण – फाइल फोटो

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि प्राइवेट सेक्टर इकोनॉमी ग्रोथ में प्रमुख है, जिसके बिना देश एक बड़ा मौका खो सकता है। यहां सरकार एक मददगार की भूमिका में है।

प्राइवेट सेक्टर की भूमिका अहम

बेंगलुरु चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के इवेंट में उन्होंने कहा कि जब तक प्राइवेट सेक्टर में पर्याप्त ऊर्जा नहीं होगी, सेक्टर को पर्याप्त सुविधा नहीं दी जाएगी, तक तक भारत केवल एक बहुत बड़ा अवसर खोता रहेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में देश की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और जरूरतों को सिर्फ राज्य और केंद्र सरकार द्वारा मिलकर पूरा नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी भी अहम है। उदाहरण के तौर पर कोरोना वायरस वैक्सीन के निर्माण को देखा जा सकता है।

बजट में अगले दशक के लिए रास्ता तैयार किया गया

उन्होंने कहा कि ग्लोबल लीडर के रूप में भारत हर किसी को एक साथ लाने की इच्छा रखता है। साथ ही सभी की भलाई के लिए दुनिया की तरक्की चाहता है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को इस तरह अपनी जिम्मेदारी निभानी है, तो यह तब तक संभव नहीं, जब तक कि सरकार अपनी भूमिका नहीं निभाती। यहां सरकार की भूमिका मददगार की है। इसमें प्राइवेट सेक्टर को अहम भूमिका निभानी होगी। बजट 2021-22 का भी यही उद्देश्य है। बजट ने अगले दशक के लिए रास्ता तय किया है।

फिस्कल डेफिसिट पर काबू रखना जरूरी

निर्मला सीतारमण ने कहा कि राहत पैकेजों के तहत इंफ्रास्ट्र्क्चर जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया, जिनका व्यापक असर था। डेट-GDP रेशियो एक इंडिकेटर्स है, जो अच्छी अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। इसके लिए राजकोषीय घाटे (फिस्कल डेफिसिट) को निश्चित रखने का प्रयास होगा।

अजीम प्रेमजी और टी वी मोहनदास पई सहित अन्य दिग्गज मौजूद

कार्यक्रम में विप्रो के फाउंडर अजीम प्रेमजी, इंफोसिस के पूर्व निदेशक टी वी मोहनदास पई, प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी और वोल्वो इंडिया के प्रेसिडेंट और चेयरमैन कमल बाली भी उपस्थित थे।

 

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