प्राइवेसी फर्स्ट:टारगेट एडवरटाइजिंग पर गूगल की सख्ती, अब क्रोम ब्राउजर पर कुकीज को ट्रैक नहीं कर पाएंगी थर्ड पार्टी

  • सफारी और फायरफॉक्स पहले ही थर्ड पार्टी ट्रैकिंग को ब्लॉक कर चुके हैं
  • कुकीज यूजर की पिछले ब्राउजिंग गतिविधि को रिकॉर्ड करके रखती हैं

यूजर्स के बीच प्राइवेसी की बढ़ती चिंता को देखते हुए गूगल अपने क्रोम वेब ब्राउजर की कुकीज की थर्ड पार्टी ट्रैकिंग बद करने की योजना बना रही है। कंपनी क्रोम को भी थर्ड पार्टी कुकीज ब्लॉक कर सफारी और फायरफॉक्स की लिस्ट में शामिल करना चाहती है।

गूगल ने कहा है कि वह किसी अन्य फीचर के साथ भी थर्ड-पार्टी कुकीज को रिप्लेस नहीं करेगी, जो समान रूप से यूजर्स की एक्टिविटी और प्राइवेसी को प्रभावित करती हों।

क्या होती है कुकीज?

  • HTTP कुकीज, जिन्हें वेब कुकीज या इंटरनेट कुकीज के रूप में भी जाना जाता है, डेटा की छोटी जानकारियां होती हैं, जिन्हें वेबसाइटों द्वारा ब्राउज करने पर यूजर के कंप्यूटर पर ब्राउजर द्वारा स्टोर किए जाता है। कुकीज यूजर की पिछले ब्राउजिंग गतिविधि को रिकॉर्ड करके रखती हैं। यह अलग-अलग तरह की होती हैं।
  • ऑथेंटिकेशन कुकीज जो काफी महत्वपूर्ण होती है। यूजर जिन खातों से लॉगइन करते हैं, यह उन चीजों पर ध्यान देती हैं, ताकि वेबसाइट को पता चल सके कि संवेदनशील जानकारी शेयर की जा सकती है या नहीं।
  • दूसरी ट्रैकिंग कुकीज होती है, जो यूजर की ब्राउजिंग हिस्ट्री का लंबे समय तक रिकॉर्ड मेंटेन करती है।
  • फर्स्ट-पार्टी कुकीज उन डोमेन द्वारा रखी जाती हैं जिन्हें यूजर द्वारा खोला गया है।
  • वहीं, थर्ड-पार्टी कुकीज को यूजर द्वारा खोले गए डोमेन से अलग डोमेन से रखा जाता है। इन्हें आमतौर पर कंप्यूटर में रखा जाता है जब यूजर्स द्वारा खोला गया डोमेन विज्ञापनों जैसे बाहरी डोमेन से कंटेंट होस्ट करता है।

इन कुकीज के साथ क्या समस्या है?

  • थर्ड-पार्टी कुकीज एक विज्ञापनदाता को कुकीज की सहायता से यूजर्स के ब्राउजिंग हिस्ट्री बनाने की अनुमति देती है। यह यूजर्स के लिए परेशानी का सबब बन जाती है, क्योंकि निजी विज्ञापनदाता उन वेबसाइटों पर यूजर्स की गतिविधि को ट्रैक करने में सक्षम होते हैं, जहां उन्होंने अपने विज्ञापन रखे हैं। इससे विज्ञापनदाता अपने अनुसार यूजर्स को टारगेट विज्ञापन दे सकता है।
  • सफारी और फायरफॉक्स जैसे ब्राउजरों ने डिफॉल्ट रूप से थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक कर दिया है, क्रोम ने अब यूजर्स को थर्ड-पार्टी के साथ-साथ फर्स्ट-पार्टी कुकीज को ब्लॉक करने की अनुमति दी है और इसे 2022 तक पूरी तरह से रोलआउट करने की योजना बना है।

गूगल का एक्शन

  • पिछले साल गूगल द्वारा थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक करने के निर्णय से इस तथ्य की संभावना बढ़ गई थी कि यूजर्स की गोपनीयता के बारे में जागरूकता बढ़ गई है। इस बीच, सफारी और फायरफॉक्स लोकप्रिय हुए क्योंकि वे क्रॉस-साइट ट्रैकिंग के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।
  • गूगल इस बदलाव को देरी से लाया क्योंकि इसका रेवेन्यू बड़े स्तर पर विज्ञापन व्यवसाय से जनरेट होता है। थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक करना गूगल को विज्ञापनदाताओं के खिलाफ कर देगा। इसलिए, गूगल अपने रेवेन्यू को नुकसान पहुंचाए बिना यूजर्स की ट्रैकिंग को कम करने का तरीके खोज रही थी। हालांकि, अब ऐसा लगता है कि गूगल को इन कुकीज को ब्लॉक करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं मिला है।

 

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