पूर्वी क्षेत्र से पीनट व्यापार को मिला बढ़ावा, नेपाल ने भारत खरीदें 24 मीट्रिक टन मूंगफली

पूर्वी क्षेत्र से मूंगफली के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को 24 मीट्रिक टन (MT) मूंगफली की एक खेप पश्चिम बंगाल से नेपाल को निर्यात की गई. इस बात की सूचना वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने देते हुए बताया, “भारत ने 2020-21 के दौरान 5,381 करोड़ रुपये की मूंगफली यानी 6.38 लाख टन मूंगफली निर्यात किया गया है. मंत्रालय ने कहा ये मूंगफली ज्यादातर इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, थाईलैंड, चीन, रूस, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल जैसे देशों को बेचे गए हैं. ”

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा तिलहन उत्पादन के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2019-20 में अनुमानित 99.52 लाख टन के मुकाबले 2020-21 में मूंगफली का उत्पादन 101.19 लाख टन तक बढ़ाया जा सकता है. मंत्रालय ने बताया कि परंपरागत रूप से गुजरात और राजस्थान का मूंगफली के निर्यात में बड़ा हिस्सा है. वहीं पश्चिम बंगाल से मूंगफली के निर्यात से पूर्वी क्षेत्र से फसल की निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलेगा.

गुजरात देश मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक

मालूम हो कि गुजरात देश में मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसके बाद राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और राजस्थान का नंबर आता है. यह फसल खरीफ और रबी दोनों मौसमों में उगाई जाती है. हालांकि खरीफ सीजन में साल भर के कुल उत्पादन का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा उपजता है. इसकी अच्छी पैदावार के लिए 25-30 डिग्री सेल्सियस तापमान उत्तम माना जाता है.

पिछले साल हुआ था काफी निर्यात

मूंगफली की अधिक पैदावार के लिए कई बातों को ध्यान में रखना पड़ता है. बीज की सही मात्रा लेना पड़ता है. भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में 711.4 मिलियन यूएस डॉलर की मूंगफली निर्यात की है. इसका मतलब हुआ कि भारत ने दूसरे देशों को करीब 5100 करोड़ रुपए की मूंगफली बेची है. भारत में मूंगफली की खेती बहुतयात में होती है और इससे किसान अच्छी कमाई भी करते हैं.

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