पूजा करते समय अगर आंखों में आ जाते हैं आंसू, तो जानें क्या है इसका रहस्य

पूजा के समय आँखों से आंसू – अक्सर कई बार आपने ये महसूस किया होगा की पूजा करते वक़्त हमारी आँखों से आंसू आने लगते है शास्त्रों के अनुसार पूजा करते समय हमारी आँखों का नम होना, आंसू आना, नींद और उबासी या फिर छींक आना यह एक बहुत बड़ा रहस्य है आज हम आपको इसी दिलचस्प टॉपिक के बारे में बताने जा रहे है तो चलिए जानते है आखिर पूजा करते समय हमारी आँखों से आंसू क्यों आते है और क्या यही आंसू हमारी पूजा के सफल होने का संकेत देते है.

दोहरी विचारधारा का सक्रिय होना

शास्त्रों में बताया गया है की सच्चे मन से की गयी पूजा सदैव भगवान स्वीकार करते है यदि किसी व्यक्ति को पूजा के समय जम्हाई या नींद आने लगती है तो इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति के मन में दोहरी विचारधारा सक्रिय है और उसे मन में कई तरह के विचार उमड़ रहे है विचारों का अंतर्द्वंद मन को कभी चैन नहीं मिलने देता है यदि आप किसी परेशानी में होकर भगवान की भक्ति करते है तो आपको जम्हाई या नींद आने लगती है.

ईश्वर का आपको कोई संकेत देना

शास्त्रों और पुराणों में ये बताया गया है की अगर पूजा पाठ करते समय आपकी आँखों से आंसू निकल आते है तो आपको समझना चाहिए की कोई ईश्वरीय शक्ति आपको कुछ संकेत दे रही है. जब आप भगवान के किसी भी रूप का ध्यान और उनकी पूजा में लीन हो जाते है तो इसका अर्थ है की भगवान के उस रूप के साथ आपका कनेक्शन हो गया है या कह सकते है की आपके द्वारा की गयी पूजा सफल हो गयी है जो आपकी खुशी को आंसू के रूप में छलकाती है.

नकारात्मकता का होना

कई बार ऐसा कहा जाता है की पूजा के समय आँखों से आने वाले आंसू या उबासी का एक कारण नकारात्मकता भी हो सकती है जब कभी हमारा मन पूजा पाठ, धार्मिक ग्रंथो और आरती में न लगे साथ ही शरीर भारी होने लगे तो ऐसे में आपको समझना चाहिए की कोई न कोई नेगेटिव एनर्जी आपके आस पास मौजूद है.

मन साफ होना

ईश्वर का आपको कोई संकेत देना

शास्त्रों और पुराणों में ये बताया गया है की अगर पूजा पाठ करते समय आपकी आँखों से आंसू निकल आते है तो आपको समझना चाहिए की कोई ईश्वरीय शक्ति आपको कुछ संकेत दे रही है. जब आप भगवान के किसी भी रूप का ध्यान और उनकी पूजा में लीन हो जाते है तो इसका अर्थ है की भगवान के उस रूप के साथ आपका कनेक्शन हो गया है या कह सकते है की आपके द्वारा की गयी पूजा सफल हो गयी है जो आपकी खुशी को आंसू के रूप में छलकाती है.

नकारात्मकता का होना
कई बार ऐसा कहा जाता है की पूजा के समय आँखों से आने वाले आंसू या उबासी का एक कारण नकारात्मकता भी हो सकती है जब कभी हमारा मन पूजा पाठ, धार्मिक ग्रंथो और आरती में न लगे साथ ही शरीर भारी होने लगे तो ऐसे में आपको समझना चाहिए की कोई न कोई नेगेटिव एनर्जी आपके आस पास मौजूद है.

मन साफ होना

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