पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण:पुलिस पर पहली बार तीर बम से हमला करने वाले 10 लाख रुपए के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर

 

जीवन कंडुलना - Dainik Bhaskar

जीवन कंडुलना

  • प. सिंहभूम, खूंटी में कई कांडों का आरोपी है जीवन कंडुलना
  • 12 सालों से झारखंड पुलिस के लिए बना हुआ था सिरदर्द

चक्रधरपुर से खूंटी तक कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे 10 लाख के इनामी माओवादी सबजोनल कमांडर जीवन कंडुलना उर्फ पतरस कंडुलना ने रविवार काे रांची पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यह 12 सालों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। खूंटी जिले के रनिया स्थित जापुद गांव का रहने वाला जीवन पहला नक्सली है, जिसने पिछले साल पुलिस पर तीर बम से हमला किया था।

यह मुठभेड़ पश्चिमी सिंहभूम के गुदड़ी थाना क्षेत्र में हुई थी। हालांकि, पुलिस ने उस समय तीन महिला नक्सलियों को मार गिराया था और जीवन अपने दस्ते के साथ फरार होने में सफल रहा था। उस समय सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में विस्‍फोटक जब्त किया था।

जीवन कंडुलना अभी पोड़ाहाट जंगल काे ठिकाना बनाए हुए था। चाईबासा पुलिस ने पोड़ाहाट जंगल में उसे घेरकर पकड़ने या फिर मार गिराने की योजना बनाई थी। पुलिस का बढ़ता दबाव देखकर उसने परिचितों के जरिए रांची पुलिस से संपर्क किया। उसके बाद सरेंडर कर दिया।

खराब सेहत और फाइलेरिया के कारण किया सरेंडर

जीवन कंडुलना हमेशा अपने दस्ते 12 नक्सलियों के साथ रहता है। लेकिन कुछ महीनों से उसका स्वास्थ्य काफी खराब चल रहा है। खराब सेहत के कारण वह काफी परेशान रहता है। उसे कई तरह की बीमारियां भी हाे गई हैं। एक पैर में फाइलेरिया (हाथीपांव) हो गया है, जिससे वह ठीक से न चल भी नहीं सकता है। उसे आशंका थी कि ऐसी हालत में अगर वह पुलिस से भागता रहा तो एक दिन पुलिस के हाथों मारा जाएगा।

पोड़ाहाट जंगल स्थित उसके ठिकानों में चाईबासा पुलिस की ओर से लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। कई बार पुलिस उसके करीब तक पहुंच चुकी है। इस दौरान उसे वहां से बच निकलने में काफी परेशानी हुई थी। यही कारण है कि अपने खराब स्वास्थ्य को देखते हुए उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। पश्चिम सिंहभूम पुलिस की जगह उसने रांची पुलिस के समक्ष सरेंडर करना ज्यादा सुरक्षित समझा, ताकि जान बच सके।

 

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