पिता ही बना सौदागर : नवजात को दलालों के हाथ 50000 रूपए में बेचा, बच्चा खरीदने वाले निसंतान दंपत्ति भी सलाखों के पीछे

 

उदयपुर : जिले में फलासिया थाना क्षेत्र में एक नजवाज के खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। यहां शर्मनाक यह है कि एक पिता ही अपने बच्चे का सौदागर बन गया। शिशु (पुत्र) के जन्म होते ही उसी के पिता ने उसे दलालों के हाथों अनजान लोगों को बेच दिया और पत्नी को यह कहकर गुमराह किया कि बच्चा बीमार है तो उसे अस्पताल भर्ती करवाया है। वहीं खरीदने वाले निसंतान दंपत्ति जो सालों से औलाद नहीं होने का दंश झेल रहे थे, उन्हें गैरकानूनी तरीके से बच्चा खरीदना काफी भारी पड़ गया और अब वे सलाखों के पीछे हैं।

एसपी राजीव पचार ने बताया कि नवजात की मां की रिपोर्ट पर मामले की गंभीरता को देखते हुए फलासिया थाना पुलिस ने 15 दिन के नवजात का पता लगाया। 24 घंटे के अंदर पुलिस नवजात शिशु को खरीदने वाले निसंतान दंपत्ति गुजरात के खेड़ब्रह्मा निवासी जतिन और उसकी पत्नी तक पहुंच गयी। पुलिस ने बच्चा खरीदने के आरोप में खेड़ब्रह्मा निवासी जतिन भाई को गिरफ्तार कर लिया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चा उसकी मां को सुपुर्द कर दिया गया है। बच्चे की तलाश करने में हेडकांस्टेबल हितेन्द्र सिंह की मुख्य भूमिका रही है।

आरोपी जतिन की सूचना पर पुलिस ने उन दलालों को भी पकड़ लिया है, जिन्होंने कुलदीप से बच्चा लेकर जतिन को 50000 रूपए में बेचा। पुलिस मामले में मुख्य आरोपी नवजात षिषु के पिता कुलदीप सिंह की तलाष कर रही है।

यूं रची गयी एक मां की गोद सूनी करने की साजिश

मामले की जांच कर रहे डीएसपी गिरधर सिंह ने बताया कि एक साल पहले मालपुरा फलासिया निवासी कुलदीप सिंह आदिवासी क्षेत्र की एक महिला को लेकर गुजरात चला गया था। दोनों साथ में पति-पत्नी के तौर पर रहने लगे। महिला गर्भवति हुई और इसी महीने करीब 15 दिन पहले उसने एक बच्चे (पुत्र) को जन्म दिया।

कुलदीप सिंह इस बच्चे को रखना नहीं चाहता था। इस पर उसने महिला को गुमराह किया कि बच्चा बीमार है और उसे अस्पताल ले जाना होगा। इस तरह उसने नवजात को मां से अलग कर दिया और अस्पताल में भर्ती करने के बजाए फलासिया में सक्रिय एक दलाल और उसकी पत्नी को दे दिया। इस दलाल दंपत्ति ने गुजरात के एक दलाल से संपर्क किया और इन लोगों ने खेड़ब्रह्मा निवासी निसंतान दंपत्ति जतिन भाई और उनकी पत्नी से बच्चा गोद देने को कहा।

निसंतान दंपत्ति ने बच्चे की चाह में अपनाया गैरकानूनी रास्ता

निसंतान दंपत्ति जतिन भाई की पत्नी का तीन बार गर्भपात हो चुका था। दंपत्ति को एक बच्चे की चाहत थी और वे किसी अन्य का बच्चा भी गोद लेने को तैयार थे। उनकी इसी चाहत में उन्होंने बच्चा गोद लेने का गैरकानूनी रास्ता अपनाया और आज सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। जतिन भाई ने दलाल से बच्चा 50 हजार रूपए में खरीद लिया।

इधर जब 10 से 12 दिन बीत जाने के बाद भी कुलदीप बच्चे को हाॅस्पिटल से वापस नहीं लाया तो नवजात की मां को संदेह हुआ। इस पर महिला ने फलासिया थाने में कुलदीप सिंह सहित दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

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