पाली में 15 दिन से कुएं में दबे मजदूर को निकालना प्रशासन के लिए चुनौती, हाथ खड़े करने के बाद फिर शुरू किया रेस्क्यू

 

कुएं का जायजा लेते प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी।

  • सुमेरपुर के निकट कानपुरा गांव में 27 सितम्बर को हुआ था हादसा
  • कुएं की आंतरिक बनावट रेस्क्यू अभियान में मुश्किलें खड़ी कर रही हैं

पाली जिले के कानपुरा गांव में 15 दिन पूर्व एक कुएं में दबे श्रमिक मूपाराम को अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। यह रेस्क्यू अब प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। अफसर पहले हाथ खड़े कर चुके थे लेकिन सोमवार को फिर से काेशिश शुरू की गई।

दरअसल, कई विशेषज्ञों के हाथ खड़े कर देने के बाद प्रशासन ने एक बार प्रयास करना छोड़ दिया था, लेकिन आज नए सिरे से अभियान शुरू किया गया। अब कुएं को ऊपर से नीचे की तरफ नए सिरे से बांधने का काम शुरू किया जाएगा। कुएं को बांधने के साथ नीचे उतरा जाएगा। इस प्रक्रिया में कुछ दिन लगने की संभावना है। लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि इसके अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। कुएं की आंतरिक बनावट बेहद खतरनाक है। ऐसे में अंदर उतरने वालों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।

ऐसे हुआ था हादसा
पाली ज़िले की सुमेरपुर तहसील के कानपुरा गांव में एक कुएं पर खुदाई का काम चल रहा था। 27 सितंबर शाम क़रीब चार बजे अचानक कुएं का फर्मा टूटने से मिट्टी ढह गई। कुएं में नीचे काम कर रहे शिवगंज तहसील के जोगपुरा के रहने वाले 45 साल का मजदूर मुपाराम मीणा मिट्टी में नीचे दब गया। उसके साथ दबे एक अन्य व्यक्ति को हाथों हाथ बाहर निकाल लिया गया था। कुआं ढहने से कई फीट तक मिट्‌टी अंदर जा गिरी थी।

प्रशासन ने शुरू किया राहत अभियान
कुएं के मालिक ईश्वर सिंह राजपुरोहित का कहना है कि यह करीब 28.50 मीटर गहरा है। अब नीचे के पांच मीटर की गहराई में मिट्‌टी भर गई है। श्रमिक उसी के अंदर दबा हुआ है। जिला कलेक्टर अंशदीप का कहना है कि हमने जोधपुर व भीलवाड़ा से जानकारों को बुलाया।

साथ ही पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, रेलवे के इंजीनियर्स, स्टेट डिज़ास्टर रिस्पोंस टीम समेत कई एक्सपर्ट्स को बुलाया गया। एक दो जानकारों को नीचे उतारा गया, लेकिन नीचे से कुआं संकरा होने से उन्हें सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 60 फीट की गहराई के पश्चात मिट्‌टी गिर रही है। ऐसे में नीचे उतरना खतरे से खाली नहीं है।

वीडियोग्राफी से तैयार करवाई रिपोर्ट
प्रशासन ने कुएं के भीतर की कल वीडियोग्राफी करवाई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार कुएं में सबसे डरावना भाग मिट्टी कंकड़, पत्थर के भाग 11.55 मीटर से 13.50 मीटर तक के नीचे गहरा और चाैड़ा हिस्सा पाया गया। जाे लगभग 5 मीटर गहराई में 13.50 मीटर से 18.50 मीटर तक कुएं के एक तरफ का हिस्सा पाया गया। शेष हिस्सों में आरसीसी फर्में तिरछे हाेने से खिसक गए हैं। 15.50 मीटर से 18.40 मीटर तक के आरसीसी फर्में दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें कुंआ मालिक द्वारा नए भरे हुए बताया गया।

उनकी स्थिति तकनीकी रूप से सही नजर नहीं आई। उसमें क्रेक नजर आ रहे, सरियों काे सही माप से नहीं लगाया गया। साथ ही से कंकरीट सही ढंग से नहीं भरी लग रही है।18.40 मीटर से 23.30 मीटर 5.90 मीटर पानी का भराव मिला। उसके नीचे का माप मिट्टी आ जाने के कारण नहीं हाे सका।

परिजनों का बुरा हाल
मूपाराम के परिजन हादसा होने के बाद से कुएं के पास डटे हुए हैं। उनका खाना-पीना छूटा हुआ है। मूपाराम के भाई दूदाराम का कहना है कि राहत कार्य में गंभीरता नहीं दर्शाई गई। यदि समय रहते प्रशासन सही तरीके से प्रयास करता तो अब तक मूपाराम को बाहर निकाल लिया जाता। मूपाराम के चार बेटे है और वे सभी स्कूल में पढ़ रहे हैं।

 

Check Also

मध्यप्रदेश से हथियार लाकर जोधपुर में बेचने की फिराक में घूम रहे दो अपराधी गिरफ्तार, पांच पिस्टल बरामद

  पांच पिस्टल के साथ पकड़े गए दो युवक पुलिस की गिरफ्त में। अवैध हथियारों …