पर्ल वी पुरी रेप केस:नाबालिग पीड़िता के पिता का बयान, कहा- फीस भरने स्कूल गया तो डरी-सहमी बच्ची दौड़कर पास आई और फिर आपबीती सुनाई

 

‘नागिन 3’ फेम पर्ल वी पुरी के केस में अब पीड़ित बच्ची के पिता का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसका उनकी शादी को लेकर चल रहे विवाद से कोई लेना देना नहीं है। दरअसल, 4 जून को नाबालिग से रेप के आरोप में वालिव पुलिस स्टेशन ने पर्ल वी पुरी को अरेस्ट किया था। उन पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। हाल ही में एक्ट्रेस दिव्या खोसला कुमार ने दावा किया था कि पत्नी के साथ चल रहे विवाद की वजह से लड़की के पिता ने पर्ल वी पुरी को झूठे आरोप में फंसाया है।

लड़की के पिता के वकील आशीष ए. दुबे ने उनकी ओर से बयान जारी करते हुए कहा- मैं एडवोकेट आशीष ए दुबे 5 साल की पीड़ित के पिता का वकील अपने क्लाइंट की ओर से आधिकारिक बयान जारी करता हूं। बच्ची जो कि 5 साल की है, 5 महीने तक मां की कस्टडी में थी और इन 5 महीनों में पिता का उससे कोई संपर्क नहीं था। एक दिन जब पिता फीस भरने के लिए स्कूल गए तो बच्ची दौड़कर उनके पास आ गई और बोली कि वह डरी हुई है और उनके साथ जाना चाहती है।

बच्ची के चेहरे पर खौफ देखकर पिता उसे घर ले आए। वहां पहुंचने के बाद बच्ची ने आपबीती सुनाई। पिता ने तुरंत ही पुलिस को कॉल किया और नायर हॉस्पिटल में बच्ची का मेडिकल कराने के बाद इसकी पुष्टि हो गई कि वह सच बोल रही है। बच्ची ने आरोपी का स्क्रीन नाम (रणबीर) बताया। चूंकि पिता टीवी सीरियल नहीं देखते, इसलिए वे उसके बारे में कुछ नहीं जानते थे। जांच के बाद सामने आया कि रणबीर तो एक एक्टर का स्क्रीन नाम है और उसका असली नाम पर्ल पुरी है।

बच्ची को अलग-अलग एक्टर्स की फोटो दिखाई गईं और जब रणबीर (पर्ल पुरी) की फोटो सामने आई तो उसने पुष्टि कर दी कि यही आरोपी है। बाद में पुलिस ने बच्ची से बात की। यहां तक उसे मजिस्ट्रेट से अकेले मिलने और 164 बयान दर्ज कराने के लिए भी कहा गया। मजिस्ट्रेट के सामने भी बच्ची ने वही कहानी सुनाई और उसी आदमी की पहचान की। बच्ची ने मजिस्ट्रेट को यह भी बताया कि उसने घटना के बारे में तुरंत अपनी मां को बताया था। मां ने रणबीर को फटकार लगाई थी।

वकील ने क्लाइंट की तरफ से कुछ सवाल उठाए
वकील ने आगे कहा- मैं अपने क्लाइंट की ओर से कुछ बातें और रखना चाहता हूं। क्योंकि सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर कई झूठी कहानियां बनाई जा रही हैं।

  1. बच्ची पिता के पास दौड़कर मदद मांगने आई थी। इसलिए एक जिम्मेदार और प्यार करने पिता की तरह मेरे क्लाइंट ने बच्ची की समस्या समझी और उसे पुलिस स्टेशन ले गए और उसका मेडिकल भी कराया। क्या यह गलत या अपराध है?
  2. मेरे क्लाइंट ने किसी का नाम नहीं लिया। बच्ची ने आरोपी का नाम लिया है।
  3. बच्ची ने घटना के बारे में बताया और मेडिकल जांच से इसकी पुष्टि हुई कि वह सच बोल रही है। इसलिए मेरे क्लाइंट कहां गलत हैं? जांच के दौरान बच्ची की मां को भी नायर हॉस्पिटल बुलाया गया था और वे वहां मौजूद थीं। आखिर क्यों एक 5 साल की बच्ची ऐसा झूठ बोलेगी? अपने क्लाइंट की ओर से सोशल मीडिया पर मौजूद सभी प्रभावशाली लोगों से मेरा यही सवाल है कि क्या 5 साल की बच्ची इस तरह का झूठा आरोप लगाएगी। अगर आपकी बच्ची के साथ ऐसा हो तो क्या आप यही नहीं करेंगे, जो मेरे क्लाइंट ने किया?
  4. खराब शादी, विषाक्त संबंध, बुरा पति जैसे आरोप वास्तविक तथ्य कि बच्ची के साथ छेड़छाड़ हुई, को गलत बताने के लिए हैं। शादी अच्छी या बुरी होने का बच्ची के साथ घटी घटना से कोई लेना देना नहीं है। बच्ची ने सच बोला है और मेडिकल रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि की है। फिर यह सब डिस्कशन क्यों?
  5. डिस्कशन यह होना चाहिए कि 5 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ हुई है और शैतान को सजा मिलनी चाहिए। बाकी कुछ भी जरूरी नहीं।
  6. अगर प्रभावशाली लोग एक बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध की शिकायत पर इतनी नफरत पैदा करते हैं तो फिर पैरेंट्स अपने बच्चों के न्याय के लिए क्यों लड़ते हैं?

स्टेटमेंट के अंत में कहा गया कि नाबालिग बच्ची के पिता माध्यमवर्गीय हैं और उन पर लग रहे आरोपों से बहुत आहत हैं। उनकी सभी से अपील है कि वे ये आरोप लगाना बंद करें कि उनकी बेटी झूठ बोल रही है।

 

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