पत्रकार और नेता का विवाद पहुंचा थाने अब होगा कुत्ते का डीएनए टेस्ट

होशंगाबाद। विवाद और झगड़ा किस रूप में कहां तक पहुंच जाता है, इसका अनुमान करना भी परे है। अभी तक आपने पफोरेंसिक विज्ञान का डीएनए टेस्ट व्यक्तियों का मामला सुलझाने के लिए सुना होगा लेकिन होशंगाबाद में अब कुत्ते का डीएनए टेस्ट होगा। एक लैब्राडोर डॉग को लेकर दो परिवारों में ऐसा झगड़ा शुरू हो गया कि अब पुलिस को डीएनए टेस्ट कराने पर मजबूर होना पड़ा है। कुत्ते पर हक जमाने वाला एक शख्स पत्रकार है तो दूसरा का नेता है। लिहाजा इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस को ऐड़ी चोटी का ज़ोर लगाना पड़ रहा है। करीब तीन महीने पहले पत्रकार शादाब खान ने हौशंगाबाद देहात पुलिस स्टेशन में अपने डॉग कोको के खोने को लेकर शिकायत दर्ज करवाई। 18 नवंबर को वो एक बार फिर से पुलिस के पास पहुंचे और बताया कि उन्हें अपना कुत्ता मिल गया है लेकिन उनका कुत्ता नेता क्रातिक शिवहरे के घर में है।

 

अगले दिन शिवहरे पुलिस के पास पहुंचे और उन्होंने दावा किया कि वो कुत्ता उनका है। शिवहरे ने टाइगर नाम रखा है। पुलिस को बताया कि यह कुत्ता उन्होंने कुछ हफ्ते पहले इटारसी से खरीदा था। बाद में पुलिस ने बताया कि ये कुत्ता दोनों नामों से आवाज़ देने पर सिर हिलाता है। साथ ही इसका दोनों मालिकों के साथ दोस्ताना व्यवहार है। दोनों में कोई भी पक्ष मानने को तैयार नहीं था। पुलिस ने डीएनए टेस्ट करवाने का फैसला किया। शादाब खान ने कहा उनके कुत्ते के मां- बाप पचमढ़ी में हैं जबकि शिवहरे ने बताया कि उनके डॉग के पेरेंट्स इटारसी में हैं।

ऐसे में पुलिस ने ब्लड सैंपल लेने के लिए दोनों जगहों पर अपनी टीमें भेजी है। फिलहाल यह कुत्ता शिवहरे के पास है। दोनों का दावा है कि टेस्ट से सच सामने आ जाएगा। खान ने कुत्ता अपना होने के साक्ष्य में कहा कि मैंने अपने सारे डॉटक्यूमेंट्स जमा करा दिए हैं। वैक्सिनेशन के कार्ड भी दिखा दिए हैं। टेस्ट पर ज़ोर दिया है। उधर शिवहरे का कहना है कि खान बिना मेरी इजाजत के मेरे कुत्ते को लेकर भाग गया। अब दोनों पक्षों को टेस्ट के नतीजों का इंतज़ार है।

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