पत्नी की दवाई के लिए पैसे देने से इंकार किया तो गुस्साए पोते ने दादी को मार डाला, पैरों के कड़े भी लूटे

 

छोटी सादड़ी पुलिस की गिरफ्त में अपनी 80 साल की दादी की हत्या कर पैरों के कड़े लूटने वाला आरोपी प्रेमचंद मीणा। उसने हत्या की वारदात 14 अक्टूबर को की थी।

  • छोटी सादड़ी के हमेरपुर चौकी क्षेत्र में दो दिन पहले वारदात का खुलासा
  • हत्या के बाद घर से गायब हो गया, दाह संस्कार में भी नहीं गया, ऐसे हुआ शक

छोटीसादड़ी इलाके में दो दिन पहले हुई 80 साल की वृद्धा की हत्या के आरोप में उसके पोते को ही गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक चुना राम जाट ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम प्रेमचंद मीणा (25) है। उसके कब्जे से मृतका की दो चांदी की कड़ियां व वारदात में प्रयुक्त लोहे की बिजणी (पंखी) बरामद की गई है।

एसपी के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया लॉकडाउन की वजह से पिछले तीन-चार महीनों से वह घर पर ही था। वह छोटी-मोटी मजदूरी करता था। उसकी पत्नी की तबीयत अक्सर खराब रहती है। 14 अक्टूबर की रात को प्रेमचंद को पत्नी की दवाई लेने जाना था पर उसके पास में पैसे नहीं थे। तब प्रेमचंद ने अपनी 80 वर्षीय दादी फूली बाई से पैसे मांगे तो उन्होंने मना कर दिया।

उसे गुस्से की वजह से नींद नहीं आई। रात को एक बजे दादी का कमरे का दरवाजा खुला था। तब वह फूलीदेवी के कमरे में गया। उसका गला दबाकर हत्या कर दी और लोहे के एक उपकरण से दोनों पैरों की कड़ियां निकाल ली। वापस कमरे में आकर सो गया।

अगले दिन आरोपी के पिता ने हत्या का केस दर्ज करवाया

अगले दिन मकान में अकेली रह रही फूली देवी की हत्या का पता चलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अंदेशा जताया कि वृद्धा की गला दबा कर हत्या की गई है। इसके बाद उसके पांव में पहने चांदी के कड़े लूटा गया। इस संबंध में मृतका फूली देवी के दत्तक पुत्र रामचन्द्र मीणा ने छोटी सादड़ी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी अशोक कुमार मीणा व सीओ परबत सिंह जैतावत के सुपरविजन में थानाधिकारी छोटीसादड़ी रविन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

इसलिए हुआ पुलिस को शक और खुल गई ब्लाइंड मर्डर की वारदात

पुलिस टीम के कांस्टेबल जयसिंह व मानसिंह ने आसपास जानकारी जुटाई तब सामने आया कि परिवादी रामचन्द्र का बेटा प्रेमचंद हत्या कर सकता है। यह भी सामने आया कि फूली देवी के पोस्टमार्टम के बाद प्रेमचंद घर नहीं आया। वह अपनी दादी के दाहसंस्कार में भी नहीं गया। तब से उसका फोन भी बन्द आ रहा है। संदेह के आधार पर पुलिस ने प्रेमचंद को जलोदा जागीर गांव से हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब प्रेमचंद ने दादी की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

 

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