पंचायत चुनाव में जिलावार लगेगी आचार संहिता:10 चरणों के लिए एक साथ नहीं लगेगा कोड ऑफ कंडक्ट, जहां चुनाव वहीं असर ताकि बाकी काम न रुके

 

बिहार पंचायत चुनाव 2021 कई मायनों में खास होने वाला है। राज्य में पहली बार पंचायत चुनाव EVM से होने जा रहे हैं। इस बार के पंचायत चुनाव में पहली बार चरणवार आदर्श आचार संहिता लागू होगी। 10 चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव में जिस चरण में जिन जिलों में चुनाव होगा, उस चरण में केवल उन्हीं जिलों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आदर्श आचार संहिता लागू होगी। चुनावी आचार संहिता के कारण विकास कार्यों में लंबे समय तक रोक न लगे इसी कोशिश को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्लान तैयार किया है। इससे पहले के पंचायत चुनाव में एक साथ पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती थी।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सबसे पहले होगा चुनाव

सबसे पहले बाढ़ प्रभावित जिलों की पंचायतों में चुनाव कराए जाने हैं। इसके साथ ही निकटतम प्रमंडलों के एक-एक जिले में एक चरण में चुनाव कराने की तैयारी की गई है। एक फेज में अधिकतम 4 से 5 जिलों में चुनाव होंगे। इसमें वैसे जिले होंगे जो छोटे हैं और जहां पंचायतों की संख्या कम है। लेकिन, जो जिले बड़े हैं वैसे अधिकतम 3 जिलों में एक चरण में चुनाव होगा।

खर्चा ना बढ़े इसलिए होंगे 10 चरणों में चुनाव

राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को EVM खरीद के लिए 122 करोड़ की राशि के आवंटन को मंजूरी दे दी है। लेकिन EVM से चुनाव होने के बावजूद इस बार भी बिहार में 10 चरणों में चुनाव होने जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि जिन 90 हजार बैलेट यूनिट की खरीदारी के लिए सरकार ने यह राशि आवंटित की है, उनकी संख्या बिहार में पंचायतों की कुल संख्या 8387 के लिहाज से कम है। कम चरणों में चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को और ज्यादा बैलेट यूनिट खरीदने होंगे, जिससे चुनाव का खर्च और बढ़ जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से खर्च कम करने की कोशिश को लेकर ही 10 चरणों में चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है।

अदालत से अब तक नहीं सुलझा का है खरीद का मामला

राज्य कैबिनेट ने भले ही EVM की खरीद के लिए राशि आवंटित कर दी हो लेकिन इसे लेकर अदालती सुनवाई होनी अभी बाकी है।असल में बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने भारत निर्वाचन आयोग से EVM खरीदने के लिए NOC मांगी थी जो नहीं मिला। EVM खरीद की अनुमति में कथित देरी को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट में 11 फरवरी को रिट याचिका दायर कर दी है। इस पर 10 मार्च को सुनवाई होनी है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से पंचायत चुनाव को मार्च से लेकर 15 जून से पहले कई चरणों में पूरा किए जाने की योजना है लेकिन मामला अब अदालत में पहुंच चुका है, लिहाजा इसमें देरी के कयास लगाए जा रहे हैं।

ECIL से होगी EVM की खरीद

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए M3 मॉडल EVM इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) से खरीदने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से NOC मांगी थी। सूत्रों के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग को M2 मॉडल लेने की सलाह दी है। राज्य निर्वाचन आयोग तैयार नहीं हुआ और कोर्ट पहुंच गया। राज्य निर्वाचन आयोग के इंकार की वजह यह है कि पंचायत चुनाव में एक साथ छह पदों के लिए मतदान कराया जाता है। M3 मॉडल में एक कंट्रोल यूनिट (CU) के साथ आठ बैलेट यूनिट (BU) का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी एक साथ छह वोट दिए जा सकते हैं। इस खास तरह की EVM में एक डिटेचेबल मेमोरी कार्ड होता है। उस कार्ड को हटाकर दूसरे कार्ड का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह EVM को स्ट्रांग रूम में रखने की जरूरत नहीं होगी। इस EVM का इस्तेमाल पहले चरण के मतदान के बाद फिर से तीसरे चरण के मतदान में किया जा सकता है।

 

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