निर्दयता:एसएचओ व एएसआई ने नाबालिग को पट्टों व डंडों से पीटा, कसूर सिर्फ इतना कि उसने गाड़ी भगाई थी

पीड़ित बच्चे की टांग व पांव पर पिटाई से जख्म के निशान। - Dainik Bhaskar

पीड़ित बच्चे की टांग व पांव पर पिटाई से जख्म के निशान।

  • प्रदेश पुलिस के फ्रैंडली बिहेवियर के दावे फेल, पहले जमकर पीटा फिर 150 चक्कर लगवाए
  • बच्चे की मां ने मुख्यमंत्री व डीजीपी को पत्र लिख कर की कार्रवाई की मांग

हिमाचल पुलिस के फ्रेंडली बिहेवियर के दावे खोखले साबित हो रहे है। थाना नालागढ़ प्रभारी व एएसआई द्वारा एक नाबालिग बच्चे को पीट-पीट कर बुरा हाल किया है। नालागढ़ थाना पुलिस द्वारा एक साढ़े सोलह साल के नाबालिग बच्चे कृष्णामंशु को पट्टों व डंडों के साथ 3 घंटे तक पिटाई की। परिजनों ने थाना प्रभारी निर्मल दास व एएसआई हरजीत सिंह पर ये आरोप लगाया है।

परिजनों ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व डीजीपी से कार्रवाई कर इनको सस्पेंड की मांग उठाई है ताकि ऐसे अधिकारियों द्वारा की जा रही बर्बरता को रोका जा सके। जानकारी के अनुसार बच्चे की टांगों पर गहरे जख्म की निशान नजर आ रहे जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी बेहरमी से पीटा था।

पीड़ित बच्चे की मां वार्ड-4 रेनू शर्मा ने बताया कि मेरा बच्चा दत्तोवाल रोड पर गाड़ी में पेट्रोल भरवाने गया था। इस दौरान पुलिस की गाड़ी आई उन्होंने रोकने का इशारा किया, लेकिन बच्चा डर की वजह से मौके पर गाड़ी न रोकते हुए दुकान आ गया। जिसके बाद पुलिस कर्मचारी दुकान पर आए और बच्चे को लेकर पुलिस स्टेशन ले गए।

जहां पर बच्चे की पट्टे से पिटाई करने के बाद 150 चक्कर लगाकर दौड़ाया गया। पीड़ित कृष्णामंशु ने कहा कि एसएचओ ने पट्टे से पिटाई करते हुए कहा कि इसी पैर से रेस देकर गाड़ी दौड़ाई थी। पीड़ित ने कहा कि जानबूझ कर राइट पैर पर मारा। बच्चे ने मांग उठाते हुए कहा कि मेरी क्या गलती क्या थी, सबूत दे। पीड़ित ने कहा कि मुझे वर्दी देखकर भी अब डर लग रहा है उनपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

इस मामले में एक शिकायत आई है, जिसकी जांच की जा रही है। बच्चे का मेडिकल करवाया जा रहा है। राज कुमार, डीएसपी नालागढ़

 

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