देरी:नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट और नगर निगम के बीच फंसा जलियांवाला बाग का ट्रांसफार्मर

 

  • देरी होने की वजह से कंपनी ने 4 महीने पहले बंद किया मेंटेनेंस
  • रेनोवेशन पूरी होने के बावजूद टूरिस्ट नहीं देख पा रहे बाग

रेनोवेशन के बाद जलियांवाला बाग का बढ़ा हुआ बिजली लोड उठाने के लिए जरूरी ट्रांसफार्मर के टेंडर 9 महीने बाद भी नहीं हो पाए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है जलियांवाला बाग मेमोरियल नेशनल ट्रस्ट और अमृतसर नगर निगम के बीच तालमेल न होना।

नतीजा-बाग की रेनोवेशन पूरी होने के बावजूद यह लोगों के लिए बंद है और टूरिस्ट गेट से ही बैरंग लौट जाते हैं। बाग की रेनोवेशन पूरी हो जाने के बाद केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय ने नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव को ट्रांसफार्मर लगाने की पहल करने को कहा था मगर इसे गंभीरता से लिया ही नहीं गया।

पहले लोड 100 केवी था, अब हो गया 300 केवी

जलियांवाला बाग की रेनोवेशन अप्रैल 2019 में शुरू की गई थी। तब यहां 100 केवी का ट्रांसफार्मर लगा था। रेनोवेशन में नई सुविधाएं जोड़े जाने से बिजली का लोड बढ़कर 210 केवी हो गया। इसलिए अब यहां 300 केवी का ट्रांसफार्मर इंस्टाल करना होगा। नया ट्रांसफार्मर 7 लाख रुपए का है।

चूंकि जलियांवाला बाग का बिजली बिल अमृतसर नगर निगम भरता है इसलिए नया ट्रांसफार्मर लगाने का काम उसी को दिया गया। रेनोवेशन का पूरा प्रोजेक्ट केंद्र का है जबकि अमृतसर नगर निगम पंजाब सरकार के तहत आता है। इसी वजह से केंद्र के नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट और नगर निगम में तालमेल नहीं बैठ पा रहा।

अप्रैल-2020 में ही होनी थी ओपनिंग

अप्रैल 2019 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की देखरेख में बाग की रेनोवेशन का काम शुरू किया गया था और इसका उद्घाटन अप्रैल-2020 में करने की प्लानिंग थी क्योंकि उस समय जलियांवाला बाग नरसंहार को 100 साल पूरे हो रहे थे।

हालांकि मार्च 2020 मेंं कोरोना के चलते लॉकडाउन लग जाने से काम लेट हो गया और रेनोवेशन जून 2020 में पूरी हो पाई थी।ट्रांसफार्मर की कीमत से अधिक मेंटीनेंस पर खर्च जलियांवाला बाग की रेनोवेशन करने वाली कंपनी की मानें तो उसने जून 2020 में काम पूरा होने के बाद 4 महीने तक मेंटेनेंस देखी।

हर महीने इस पर डेढ़ लाख रुपए खर्च हुए। करार के मुताबिक बाग हैंडओवर होने के बाद कंपनी को एक साल तक फ्री-मेंटीनेंस करना है मगर बाग को हैंडओवर ही नहीं किया जा रहा तो वह मेंटीनेंस पर खर्च क्यों करे। यही कारण है कि कंपनी बाग के भीतर के प्रोजेक्ट बंद करके चली गई है। देखरेख के लिए उसके एक-दो आदमी ही यहां रह रहे हैं।

जून-2019 में शुरू हुआ था बाग का काम

13 अप्रैल 2019 को जलियांवाला नरसंहार का सौवां साल शुरू होने से पहले केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय ने 20 करोड़ रुपए से बाग के कायाकल्प की प्लानिंग तैयार की। 13 अप्रैल 1919 को समागम में इसकी नींव रखी गई। उसके बाद जून-2019 में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन ने बामा कंपनी के जरिए काम शुरू कराया। इसके तहत बाग में कई नए प्राेजेक्ट्स और सुविधाएं जोड़ी गईं।

नगर निगम की ओर से की जा रही है ट्रांसफार्मर लगाने में देरी : मलिक

जलियांवाला बाग की रेनोवेशन पूरी हो चुकी है मगर नगर निगम की ओर से ट्रांसफार्मर लगाने में देरी की जा रही है। जैसे ही ट्रांसफार्मर लग जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाग का उद्घाटन करेंगे। उसके बाद बाग को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। – श्वेत मलिक, भाजपा के राज्यसभा सांसद व जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट के मेंबर।

प्रक्रिया शुरू, जल्द इंस्टॉल होगा ट्रांसफार्मर: मित्तल

जलियांवाला बाग में ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सोमवार को वर्क आॅर्डर हो जाएंगे। कांट्रैक्टर ने काम के लिए 20-25 दिन मांगे हैं। उसके बाद ट्रांसफार्मर इंस्टाल कर दिया जाएगा। -कोमल मित्तल, कमिश्नर अमृतसर नगर निगम

 

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