देखिए सरकार! ‘यास’ के बाद किसानों का हाल बेहाल:तेज आंधी और बारिश से फसल हुई बर्बाद, 10 दिन बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे, अब सांसदों से मदद की गुहार लगा रहे हैं किसान

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को खेत दिखाते किसान। - Dainik Bhaskar

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव को खेत दिखाते किसान।

27 और 28 मई को राज्य में आए यास तूफान ने किसानों की तैयार फसल को बर्बाद कर दिया है। बिहार के कृषि विभाग की तरफ से किसानों को फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की बात कही गई है। लेकिन, ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में अब तक फसल का आकलन करने के लिए कोई सरकारी टीम नहीं पहुंची है। यही वजह है किसान अब अपने सांसदों से मुआवजा जल्द दिलाने की गुहार लगा रहे हैं।

किसानों की मांग पर केन्द्रीय मंत्री ने कृषि मंत्री से की बात

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से उनके क्षेत्र पटना साहिब के किसानों ने जल्द मुआवजा दिलाने को लेकर गुहार लगाई है। किसानों की इस मांग को लेकर केन्द्रीय मंत्री ने राज्य के कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह से बात की। पटना साहिब के जल्ला क्षेत्र और इससे अन्य जुड़े हुए इलाकों में प्याज की खेती को काफी नुकसान हुआ है। केन्द्रीय मंत्री ने कृषि मंत्री से किसानों को अविलंब क्षतिपूर्ति मुआवजा देने का आग्रह किया। इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद ने कृषि सचिव और पटना जिला के जिलाधिकारी से इसपर बात की। किसानों की मांग को उठाते हुए सांसद ने अधिकारियों से किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया ।

सांसद पहुंचे क्षेत्र में तो किसानों ने सुनाया हाल

किसानों ने सिर्फ रविशंकर प्रसाद के सामने ही नही बल्कि सांसद रामकृपाल यादव के सामने भी अपना दर्द सुनाया। अपने क्षेत्र पाटलीपुत्रा के दौरे पर निकले पूर्व केन्द्रीय जैसे ही धनरुआ प्रखंड के नदपुरा गांव पहुंचे, किसान उनसे अपनी मजबूरी सुनाने लगे। यहां के कई प्रखंडों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। 100 मिलीलीटर वर्षा होने से खेतों में पानी भर गया जिससे मक्का, प्याज, सब्जी सहित अन्य फसलों का नुकसान हुआ है। धनरूआ प्रखंड में 975 एकड़ में मूंग, 822 एकड़ में प्याज, 512 एकड़ में सब्जी, 465 एकड़ में मक्का और 150 एकड़ में चीना सहित कई फसलों का नुकसान हुआ है। किसानों का कहना था कि फसल क्षति का आकलन करने के लिए इस इलाके में अबतक सरकारी टीम नही पहुंची ।

किसानों को अभी करना होगा इंतजार

राज्य के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक मुआवजे के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को इस महीने के अंत तक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों को मक्का, धान, मूंग, तिल और तिलहन जैसी खड़ी फसलों के मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ उन्होंने आम, लीची, केला, सब्जी और गन्ना जैसी फसलों के नुकसान के लिए भी मुआवजा देने की बात कही है। जाहिर है किसानों को अभी मुआवजा के लिए लंबा इंतजार करना होगा। कृषि विभाग की तैयारी के मुताबिक जुलाई के दूसरे हफ्ते से पहले मुआवजा मिल पाने की उम्मीद नहीं है। यही वजह है कि किसान अब अपने सांसदों से गुहार लगा रहे हैं।

 

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