दिल्ली मे यमुना की स्थिति जानकर हैरान हो जाएंगे आप !!!

 

 

 

यमुना नदी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है और गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। इसकी लम्बाई लगभग 1,127 कि.मी है और हिन्दू घर्म में यमुना को माता के रूप में पूजा जाता है और अत्यंत पवित्र माना जाता है।

यमुनोत्री से लेकर प्रयागराज तक की यात्रा में यमुना को अनेक शहरों का पोषण करने के साथ-साथ अनेक प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ता है यह कष्ट और कुछ नहीं हम सब लोगों के द्वारा फैलाया गया प्रदूषण है ।

लेकिन यमुना जी की पूरी यात्रा में वह दिल्ली और आगरा में ही सबसे ज्यादा प्रदूषित होती हैं । इसका कारण है गंदे नाले और फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला पानी जिसे बिना किसी ट्रीटमेंट के ही यमुना में प्रवाहित कर दिया जाता है जिससे यमुना सबसे ज्यादा प्रदूषित हो जाती है और हो रही हैं

 

 

 

यहाँ इमेज दिल्ली के कालिंदी कुंज की है और यह देख आप सोच रहे होंगे कि नदी में बर्फ जम गई है लेकिन यहाँ आप गलत हैं जी हाँ ! क्योकी ये बर्फ नही फोम है जो कि नदी के पानी में हुऐ प्रदूषण के कारण है और अब नदी का पानी पीने योग्य नहीं हैं खासकर दिल्ली जैसे बड़े शहरों में । और यमुना की सहायक नदियाँ भी इसमें होने वाले प्रदूषण में सहयोग करती हैं । देश की सरकारों ने भी यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कई योजनाएं बनाई थी और है परन्तु कुछ बदलाव नजर में नहीं आया है और आज के समय में शायद हर किसी ने कुछ समय के लिए ही यमुना के पानी को प्रदूषण मुक्त देखा होगा वो भी सिर्फ महामारी के कारण जब सब कुछ थम गया था ।

कुछ सुझाव कि हम कैसे हम यमुना और सभी नदियों को प्रदूषण से मुक्त करा सकते हैं :

  1. पानी का सदुपयोग करके – सिर्फ जरूरत अनुसार ही पाानी का उपयोग करे ।
  2. गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके – नालों और फैक्ट्ट्रियों के गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके ही नदी में प्रवाह हो यह सुनिश्चित करना चाहिए ।
  3. सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करा कर – किसी भी नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिये उसकी सहाायक नदियाँ प्रदूषण से मुुक्त होनी चाहिये ।
  4. जागरूकता की आवश्यकता – नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिये लोगों में जागरूकता होनी चाहिये विशेष रूप से बच्चो और युवाओं में जिससे वे अपने साथ जुड़े हुए लोगों को जल प्रदूषण और अन्य प्रकार के प्रदूषण के प्रति जागरूक कर सकते हैं और खुद भी प्रयास कर सकते है प्रदूषण को रोकने का ।

 


 

 

एक विनती– हम सब भारतीय लोग नदियों को अपनी माँ मानते हैं परन्तु आप और हम अपनी माँ यमुना जी की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं और यह सब जानते हुए भी हम यमुना जी की इस भयानक दशा को नजरअंदाज कर देते हैं। देश की सरकार को और हमे अपने स्तर पर जल्द से जल्द कुछ करना चाहिए वरना भविष्य में यमुना जी हमें सिर्फ यादों में ही रह जाएँगी 

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