दिल्ली में टमाटर की खुदरा कीमत बढ़कर 70 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंची

 

नई दिल्ली. टमाटर की कीमत तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली में रविवार को टमाटर की खुदरा कीमत बढ़कर 70 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। एक व्यापारिक रिपोर्ट के मुताबिक टमाटर का मौसम खत्म हो जाने के कारण इसकी कीमत बढ़ गई है। दिल्ली के असंगठित खुदरा बाजारों में एक जून के बाद हर सप्ताह टमाटर की कीमत 10 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ी है। यह बढ़ोतरी मदर डेयरी के सफल रिटेल वेजिटेबल आउटलेट और ईटेलर्स बिगबास्केट और ग्रोफर्स के प्लेटफॉर्म्स पर भी देखी गई।

रविवार को बिगबास्केट 60-66 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेच रही थी टमाटर

रविवार को बिगबास्केट 60-66 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से और ग्रोफसर्स 53-55 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से टमाटर बेच रही थी। व्यापारियों ने बताया कि असंसगठित बाजारों में क्वालिटी और स्थान के हिसाब से टमाटर करीब 70 रुपए प्रति किलो की दर से मिल रहा था। उन्होने कहा कि थोक मंडियों में भी फसल की आवक कम रहने से पिछले कुछ सप्ताहों से कीमत ऊंची चल रही है।

दिल्ली के आसपास के राज्यों में भी कीमत बढ़ी

व्यापारियों ने यह भी कहा कि दक्षिण भारत के कुछ टमाटर उत्पादक राज्यों में कोरोनावायरस संक्रमण का मामला बढ़ने से कुछ स्थानों पर टमाटर की तोड़ाई प्रभावित हुई है। उपभोक्ता कार्य मंत्रालय के मुताबिक दिल्ली के आसपास के राज्यों में भी टमाटर की कीमत बढ़ी है। पिछले सप्ताह उपभोक्ता कार्य मंत्री राम विलास पासवान ने कहा था कि इस मौसम में टमाटर की आपूर्ति कम रहती है। इसके अलावा यह जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए टमाटर की कीमत बढ़ रही है।

कम आपूर्ति वाले महीनों में कीमत आम तौर पर बढ़ जाती है

विशेषज्ञों ने कहा कि कम आपूर्ति वाले महीनों में टमाटर की कीमत आम तौर पर बढ़ जाती है। पिछले पांच साल के आंकड़े यही बताते हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पंजाब, तमिलनाडु, केरल, जम्मू एवं कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में टमाटर का उत्पादन कम होता है। ये राज्य टमाटर की उपलब्धता के लिए उन राज्यों पर निर्भर हैं, जहां उत्पादन ज्यादा होता है।

देश में सालाना 1.973 करोड़ टन टमाटर का उत्पादन होता है

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में सालाना 1.973 करोड़ टन टमाटर का उत्पादन होता है। जबकि सालाना खपत करीब 1.151 करोड़ टन का है।

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