त्रिपुरा से रानी अनानास लेकर दिल्ली पहुंची किसान रेल

 

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव मदद कर रही है। सरकार की कोशिश है कि किसानों को नए बाजार मिले और उन्हें अपने उत्पादों का उचित दाम प्राप्त हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे बीते साल से किसान रेल चला रही है। यह दूर-दराज के किसानों के उत्पाद को लेकर उन्हें बाजार मुहैया कराती है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी होती है।

इसी कड़ी में पूर्वोत्तर भारत के राज्य त्रिपुरा से दिल्ली और कोलकाता के लिए किसान रेल का संचालन किया जा रहा है। पहली किसान रेल त्रिपुरा से अनानास लेकर दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची है। इस संबंध में रेल मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर जानकारी दी गई। मंत्रालय ने लिखा, ‘अनानास का सफर, अगरतला से आदर्श नगर। अगरतला, त्रिपुरा से पहली किसान रेल द्वारा 11.5 टन अनानास का परिवहन आदर्श नगर, दिल्ली के लिए किया गया। इस किसान रेल के माध्यम से त्रिपुरा के किसानों को नए बाजार मिलने से उनकी उपज के उचित दाम मिलेंगे।’

इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि पूर्वोत्तर के किसानों की आय वृद्धि हेतु, वहां की कृषि उपज को अन्य राज्यों तक पहुंचाने के लिए, अगरतला से हावड़ा और दिल्ली के लिए किसान रेल चलाई जाएगी। त्रिपुरा की राजधानी से देश के विभिन्न शहरों के लिए अलग-अलग तारीख को कटहल, अनानास और नींबू जैसे उत्पादों को लेकर किसान रेल रवाना होगी।

कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए बीते साल राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था। इस साल कोरोना की दूसरी लहर के कारण देश के अधिकतर राज्यों ने लॉकडाउन की घोषणा की। लगातार दो साल हुई तालाबंदी का असर किसानों की आय पर पड़ा। उनकी उपज के लिए बाजार नहीं मिला और उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा। इन्हीं सब वजहों को देखते हुए रेल मंत्रालय ने त्रिपुरा सरकार के अनुरोध पर राज्य से किसान रेल चलाने की मंजूरी दी थी।

त्रिपुरा के किसान उच्च गुणवत्ता वाले कटहल, अनानास और नींबू सहित तमाम फलों का उत्पादन कर रहे हैं। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए यहां से कटलह का एक्सपोर्ट भी कि या जा रहा है। यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी जैसे पश्चिमी देशों को हाल ही में त्रिपुरा से कटहल भेजा गया था। इससे किसानों को काफी लाभ हो रहा है और उनकी आमदनी बढ़ रही है। एपीडा के माध्यम से देश के अलग-अलग उत्पादों को निर्यात कर किसानों की मदद करने की कोशिश हो रही है।

अब किसान रेल से देश के भीतर ही किसानों के उत्पादों के लिए नया बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हित में हमने केंद्र सरकार से कुछ किसान रेल चलाने का आग्रह किया था। सरकारी चाहती है कि मौसमी फलों की खेती कर रहे किसानों को केंद्र सरकार के प्रयासों का लाभ मिले और किसान रेल उनके लिए बड़े बाजार उपलब्ध कराए।

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