तो इस वजह से महिलाओं के नाम पर घर खरीदते हैं लोग, मिलते हैं ये 3 फायदे

महिलाओं के नाम पर घर खरीदने की परंपरा दशकों से चली आ रही है, हालाँकि पिछले कुछ समय से देश में कोरोना महामारी आने के बाद से बहुत बदलाव हो चुके हैं जैसे कि देश में पिछले साल कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा, लोगों को अपनी सेहत के प्रति ज्यादा सजग होते हुए देखा गया। कोरोना महामारी ने बहुत सी चीजों को लेकर हमारी मानसिकता बदली हैं उन्हीं में से एक हैं घर खरीदने को लेकर हमारी सोच, अब कोरोना की वजह से घर खरीदने को लेकर सोच में सकारात्मक बदलाव आया हैं। कोरोना महामारी के आने से पहले घर खरीदना लोगों के लिए लंबे समय की योजना में शामिल था लेकिन अब लोगों के लिए घर खरीदना प्राथमिकता बन चुका हैं। अब हर कोई जल्द से जल्द अपने लिए घर खरीदना चाहता हैं। हालाँकि घर खरीदना या बनवाना कोई नया काम नहीं है, मगर यहाँ पर ध्यान देने वाली बात ये है कि हममे से ज्यादातर लोग महिलाओं के नाम पर घर क्यों खरीदते हैं, क्या है इसकी वजह, आज हम आपको इसी बारे में बताएँगे।

महिलाओं के नाम पर घर

दरअसल घर खरीदना एक निवेश जैसा होता हैं जिसके बारे में फैसला बहुत सोच विचार और काफी रिसर्च के बाद लिया जाता हैं, पर कोविड महामारी की वजह से पिछले एक साल में लोगों ने अपना बहुत सा समय घर रहकर बिताया है जिसकी वजह से लोगों में घर खरीदने को लेकर नई सोच ने जन्म लिया हैं।

देश मे ज्यादातर महिलाओं के नाम पर घर है

पहले ज्यादातर घर पुरुषों के नाम पर होते थे लेकिन बदलते जमाने में अब ये प्रथा भी बदलने लगी हैं, प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म एनॉरॉक की 2020 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार उस समय देश में लगभग 77 फीसदी घर की खरीदार महिलाएं ही हैं। इसके अलावा किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने में 74 फीसदी निर्णय महिलाओं के होते हैं, इसी वजह से अब सरकार के द्वारा घर खरीदने को लेकर काफी सहजता से वित्तीय मदद प्रदान करने की योजनाएं शुरू की हैं।

महिलाओं के नाम पर घर खरीदना, फायदे का सौदा

सरकार द्वारा इस दिशा में कदम में कदम बढ़ाते हुए नियामक और नीति निर्माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कई रियायतों को हरी झंडी दिखाई हैं। देश मे पुरुषों की बजाए महिलाओं के नाम पर घर लेना बहुत ज्यादा फायदेमंद होता हैं, यदि आप कोई घर अपने परिवार की किसी महिला के नाम पर लेटे हैं तो आपको कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।

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घर लेते समय हमें आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती हैं तो ऐसे में बहुत सी हाउसिंग फाइनेंस संस्थान द्वारा महिलाओं के लिए घर लेने के लिए लेने वाले ऋण के ब्याज सामान्य लोगों के ऋण से 0.5 से 5% तक कम होता हैं। इसके अलावा बहुत सी ऋण देने वाली कंपनियों ने महिलाओं के लिए उनके उद्देश्य और उनकी आय के मुताबिक स्पेशल ऋण स्कीम भी बनाई हुई हैं।

मिलती है और भी छूट

महिलाओं के नाम पर घर या जॉइंट ओनरशिप के नाम पर ऋण लेने से पूरे परिवार की पारिवारिक आय पर टैक्स में ज्यादा छूट मिल सकती हैं। इसके अलावा अगर पति और पत्नी की आय का स्त्रोत अलग-अलग हैं तो घर के लिए ऋण की किस्तें चुकाने पर पति-पत्नी दोनों को टैक्स में छूट मिलेगी, कुल मिलाकर अगर आसान भाषा मे कहा जाए तो बिना किसी अतिरिक्त निवेश के टैक्स में डबल बचत।

बहुत से राज्य महिलाओं के नाम पर घर या प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर स्टाम्प ड्यूटी में भी छूट दे रहे हैं, देश के उत्तरी हिस्से में बसे कुछ राज्यों में महिलाओं के लिए रजिस्ट्री शुल्क की दर में पुरुषों के लिए रजिस्ट्री शुल्क की दर के मुकाबले 2 से 3 फीसदी कम है।

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