(तेल-‎तिलहन बाजार साप्ता‎हिक समीक्षा) वैश्विक स्टॉक की कमी से बीते सप्ताह तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

नई ‎दिल्ली : आगामी त्योहारी मांग के अलावा खाद्य तेलों के वैश्विक स्टॉक की पाइपलाइन खाली होने तथा देश में आयात शुल्क में बढ़ोतरी से बीते सप्ताह दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में खाद्य तेल कीमतों में सुधार का रुख रहा और भाव लाभ दर्शाते बंद हुए। बाजार के जानकार ने कहा कि मंडियों में पुराने सरसों की मांग है और व्यापारियों एवं तेल मिलों के पास इसका कोई स्टॉक नहीं बचा है। मंडियों में सरसों की नई फसल की आवक बढ़ रही है, लेकिन इसमें अभी हरापन है जिसे परिपक्व होने में अभी 15-20 दिन का समय लगेगा। उधर, मध्य प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले सरसों दाने से तीन-चार प्रतिशत कम तेल की प्राप्ति हो रही है। इन परिस्थितियों में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों तेल-तिलहनों के भाव साधारण लाभ दर्शाते बंद हुए। दूसरी ओर निर्यात की मांग के साथ-साथ स्थानीय खपत की मांग होने से मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में भी पर्याप्त सुधार दर्ज हुआ।

पिछले सप्ताह जिस सीपीओ का भाव 1,030-40 डॉलर प्रति टन था वह अब बढ़कर 1,100 डॉलर प्रति टन हो गया है। इसके अलावा सूरजमुखी तेल का भाव वैश्विक स्तर पर अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया है, जिससे बाकी तेलों के भाव में भी तेजी आई है। दिल्ली में सारे शुल्क जोड़ने के बाद ग्राहकों को सूरजमुखी तेल का भाव 180 रुपये किलो बैठता है। सूरजमुखी तेल की इस रिकॉर्ड तेजी की वजह से पामोलीन और सोयाबीन रिफाइंड की मांग काफी बढ़ गई है, जिससे इन तेलों सहित बाकी तेलों के भाव में भी सुधार आया। बाजार में सोयाबीन के बेहतर दाने का स्टॉक नहीं के बराबर है और पिछले साल के मुकाबले सोयाबीन की उपज लगभग आधी है और इसमें भी बरसात की वजह से फसल को हुए नुकसान के कारण 20 प्रतिशत फसल दागी हैं।

अगली फसल के लिए सोयाबीन बीज की भारी कमी है तथा बीज के लिए महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में किसान सोयाबीन के बेहतर दाने की खरीद लगभग 6,100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव कर रहे हैं। इसके अलावा मुर्गी दाने के लिए डीओसी (तेल रहित खल) की भारी निर्यात मांग (करीब चार लाख टन) है। सोयाबीन की बड़ियां बनाने वाली कंपनियां सोयाबीन के बेहतर दाने की खरीद 6,125 रुपए क्विन्टल के रिकॉर्ड भाव पर कर रही हैं। सोयाबीन दाना और लूज के भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले क्रमश: 160 रुपए और 150 रुपए के सुधार के साथ क्रमश: 5,250-5,300 रुपए और 5,100-5,150 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

 

सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और डीगम तेल के भाव क्रमश: 430 रुपये, 550 रुपये और 450 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 12,980 रुपये, 12,820 रुपये और 11,660 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। बाजार में तेजी के आम रुख के अनुरूप गत सप्ताहांत सरसों दाना पांच रुपए के मामूली सुधार के साथ 6,400-6,450 रुपए क्विन्टल और सरसों दादरी तेल 50 रुपए सुधरकर 13,350 रुपए क्विन्टल तथा सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल की कीमतें क्रमश: 15-15 रुपए सुधरकर क्रमश: 2,010-2,160 रुपए और 2,140 -2,255 रुपए प्रति टिन पर बंद हुईं।

दूसरी ओर निर्यात गतिविधियों में आई तेजी के बीच मूंगफली दाना सप्ताहांत में 310 रुपए के सुधार के साथ 6,070-6,135 रुपए क्विन्टल और मूंगफली गुजरात तेल 610 रुपए के सुधार के साथ 15,010 रुपए क्विन्टल पर बंद हुआ। मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड की कीमत भी समीक्षाधीन सप्ताहांत में 105 रुपए सुधरकर 2,400-2,460 रुपए प्रति टिन बंद हुई। समीक्षाधीन सप्ताहांत में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का भाव 500 रुपए सुधरकर 10,950 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। जबकि पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल के भाव क्रमश: 570 रुपए और 360 रुपए सुधरकर क्रमश: 12,820 रुपए और 11,660 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। समीक्षाधीन सप्ताहांत में तिल मिल डिलिवरी तेल 1,250 रुपए सुधरकर 13,500-16,500 रुपए क्विन्टल, बिनौला तेल 700 रुपए सुधारकर 12,000 रुपए और मक्का खल पांच रुपए सुधरकर 3,530 रुपए क्विंटल हो गया।

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