झारखंड में पहली बार:रांची नगर निगम म्युनिसिपल बाॅन्ड के जरिए जुटाएगा 200 कराेड़ रुपए, शाॅपिंग माॅल और पार्किंग आदि पर खर्च हाेगी राशि

 

शाॅपिंग माॅल और पार्किंग आदि पर खर्च हाेगी राशि - Dainik Bhaskar

शाॅपिंग माॅल और पार्किंग आदि पर खर्च हाेगी राशि

  • बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया शुरू

रांची नगर निगम अब म्युनिसिपल बाॅन्ड के जरिए 200 कराेड़ रुपए जुटाएगा। निगम ने बाॅन्ड काे बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह राशि नागरिक सुविधाओं जैसे शाॅपिंग माॅल और पार्किंग आदि पर खर्च की जाएगी। शहर में यातायात काे सुगम बनाया जाएगा। झारखंड में ऐसा पहली बार हाेगा, जब काेई नगर निगम पैसे जुटाने के लिए बाॅन्ड जारी करेगा।

बाॅन्ड जारी करने के लिए निगम के अधिकारी एके कैपिटल एजेंसी के संपर्क में हैं। एजेंसी के साथ बैठक करने के बाद निगम तय करेगा कि यह बाॅन्ड कितने रुपए का हाेगा। इसकी ब्याज दर क्या हाेगी। इस संबंध में नगर आयुक्त की नगर विकास विभाग के अधिकारियाें के साथ एक बार बैठक हाे चुकी है।

नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि पांच महीने के भीतर रांची नगर निगम का बाॅन्ड जारी कर दिया जाएगा। एेसा हाेने पर केंद्र सरकार भी निगम काे 26 कराेड़ रुपए देगी। क्याेंकि केंद्र सरकार 100 कराेड़ रुपए के म्युनिसिपल बाॅन्ड पर 13 कराेड़ रुपए नगर निगम काे देती है।

निगम की रेटिंग ट्रिपल बी, अब नए सिरे से हाेगी रेटिंग

रांची नगर निगम की रेटिंग अभी ट्रिपल बी है। इस बाॅन्ड के जरिए नगर निगम बाजार से 200 कराेड़ रुपए जुटाकर विकास कार्य में तेजी लाएगा। दरअसल पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शहरी नगर निकायाें और नगर निगम काे म्युनिसिपल बाॅन्ड जारी करने की अनुमति 2015 में दी थी। इसके तहत वैसे निकाय और निगम बाॅन्ड जारी कर सकते हैं, जिनका नेटवर्थ लगातार तीन वित्तीय वर्ष तक निगेटिव न रहा हाे।

पिछले एक साल में काेई लाेन डिफाॅल्ट न किया हाे। सिर्फ वही नगर निगम बाॅन्ड जारी कर सकता है, जिसकी रेटिंग कम से कम ट्रिपल बी हाे। अब रांची नगर निगम की नए सिरे से रेटिंग कराई जाएगी। रेटिंग के लिए क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल से बातचीत की जा रही है।

क्या है म्युनिसिपल बाॅन्ड
यह एक तरह का लेटर ऑफ क्रेडिट है। इसके जरिए आम लाेगाें या संस्थाओं से पैसे जुटाए जाते हैं। तय समय के लिए निगम बाजार से उधार लेता है और निश्चित रिटर्न के साथ रकम वापसी की गारंटी देता है। निगम जाे रकम बाॅन्ड से जुटाता है, उससे शहर में विकास कार्य होते हैं। इसमें निवेश से फायदा भी है। लंबे समय तक निर्धारित रिटर्न ताे मिलता ही है, इनकम टैक्स में भी छूट मिलती है।

एेसे खरीद सकते हैं म्युनिसिपल बाॅन्ड

निवेशक किसी फाइनेंशियल एडवाइजर के जरिए म्युनिसिपल बाॅन्ड खरीद सकते हैं। चाहे ताे सीधे नगर निगम या बैंक से भी खरीद सकते हैं। बाॅन्ड फंड के जरिए भी म्युनिसिपल बाॅन्ड में निवेश किया जा सकता है। हालांकि बाॅन्ड खरीदने की प्रक्रिया क्या हाेगी, निगम इसकी घाेषणा बाॅन्ड जारी करते समय कर देता है।

कई राज्याें में नगर निगम जारी कर चुका है बाॅन्ड
भोपाल, इंदौर, अहमदाबाद, पुणे, कोलकाता, विशाखापत्तनम, सूरत, लखनऊ, हैदराबाद, अमरावती सहित कई राज्याें में भी म्युनिसिपल बाॅन्ड जारी किया जा चुका है।

 

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