जीते जी बेटी का अंतिम संस्कार:झारखंड में 25 साल की लड़की ने चचेरे भाई से लव मैरिज की; पिता ने पुतला बनाकर शव यात्रा निकाली, मां ने भी दिया अर्थी को कंधा

 

बेटी से दुखी परिजनों ने उसका पुतला बना किया अंतिम संस्कार।

बेटी के लव मैरिज या इंटर कास्ट मैरिज करने पर अमूमन उसे ऑनर किलिंग यानी परिवार के द्वारा मौत के घाट उतार दिया जाता है। लेकिन झारखंड के चतरा जिले के टंडवा में अपनी बेटी के लव मैरिज करने पर गुस्साए पिता ने जीवित बेटी की शव यात्रा निकाली। शवयात्रा सिर्फ प्रतिकात्मक थी।

इसमें अर्थी पर बेटी के शव की जगह उसके पुतले को रखा गया था। पिता के साथ लड़की की मां ने भी इस अर्थी को कंधा दिया। इसके बाद उस पुतले का रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया।

ऑनर किलिंग के खिलाफ संदेश
ऑनर किलिंग के खिलाफ संदेश देता यह अनूठा मामला धनगडा पंचायत के खरीका गांव की है। दरअसल, यहां रहने वाली सबिता (25) ने गांव के ही चचेरे भाई से लव मैरिज कर ली। माता-पिता समेत अन्य परिजन ने उसे समझाने को लेकर हर कोशिश की। घर वालों के काफी समझाने के बाद भी लड़की नहीं मानी।

थाने तक पहुंचा मामला, नहीं मानी बेटी
परिवार की समझाइश के बाद भी जब युवती नहीं मानी तो मामला थाने तक पहुंचा। थाने में भी सबिता अपने प्रेमी राजदीप के साथ ही जिंदगी बिताने पर अड़ी रही। इसके बाद लड़की के पिता ने बेटी का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। आखिरकार, परिजन ने लड़की के जिंदा रहते हुए उसका पुतला बना अंतिम संस्कार कर दिया।

युवती की हो चुकी थी सगाई
परिजन का कहना है कि बेटी के इस गलत कदम से समाज में हमारी बेइज्जती हुई है। बताया गया कि युवती की शादी अच्छे घराने में होने वाली थी, उसकी सगाई भी हो चुकी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, युवती का प्रेम-प्रसंग राजदीप के साथ कई वर्षों से चल रहा था। दोनों रांची में रह कर कॉलेज में पढ़ाई करते थे। इसके बाद रिश्ते में भाई-बहन होने के बावजूद दोनों ने फरवरी में शादी कर ली।

 

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