जिन लोगो के घर में आती है छछूंदर, वो लोग होते है बेहद भाग्यशाली, आप भी जानिए इसके बारे में..

छछूंदर सर्वभक्षी, खतरनाक और साहसी प्राणी है। चूहे और सांप को तो यह देखते ही चट कर जाती है। कुत्ते, लोमड़ी और अन्य जानवर भी इसे खाने की हिम्मत नहीं करते हैं। पक्षियों में सिर्फ एक उल्लू ही इसे खा सकता है लेकिन उसे खाते ही वह बीमार पड़ जाता है इसीलिए उल्लू भी इसे नहीं खाते हैं।

छछूंदर को खाने से दूसरे जीव इसलिए डरते हैं कि उसके थूक की गिल्टियों में काले नाग के जैसा भयंकर विष पाया जाता है। इसके दांत लगते ही शिकार को कुछ सूझ नहीं पड़ता, मस्तिष्क में धुंध छा जाती है, सांस लेने में कष्ट होता है और इसके बाद उसे लकवा मार जाता है। छछूंदर लगातार अपने मुंह से बदबू छोड़ती रहती है जिसके कारण कोई भी खतरनाक जीव उसके पास नहीं फटकता है। चूहा, गिलहरी व छछूंदर जैसे जानवरों में जहां चूहे का जीवन चक्र औसतन 3 साल है, वहीं छछूंदर 10 से 30 साल तक जीता है

*छछूंदर के बारे में कहा जाता है कि यह जिस भवन में घूमती हैं वहां लक्ष्मी की वृद्धि होती है। हालांकि इसमें कितनी सचाई है यह तो हम नहीं जानते लेकिन एक बात तो तय है कि जहां छछूंदर होती है वहां चूहे-सांप, कीड़े-मकोड़े और अन्य तरह के जीव-जंतु नहीं होते हैं। यह घर के सारे बैक्टीरिया को खा जाती है। कहना चाहिए कि यह घर की बहुत बड़ी सफाई और सुरक्षाकर्मी होती है। संभवत: इसीलिए कहा गया होगा कि जहां यह होती है वहां लक्ष्मी का वास होता है।
छछूंदर से जुड़े शुभ शकुन

*कहते हैं कि छछूंदर जिस भी व्यक्ति के चारों ओर घूम जाए तो समझो कि उसे निकट भविष्य में कोई बड़ा लाभ होने वाला है।

*इसी तरह छछूंदर यदि घर के चारों ओर घूम जाए तो उस घर की विपत्ति टल जाती है।

*माना जाता है कि जो व्यक्ति दिवाली की रात को छछूंदर देख ले तो उसकी किस्मत खुल जाती है। इसके दिखने का मतलब है कि आप बेहद भाग्यशाली हैं और धन से जुड़ी आपकी सारी समस्याएं खत्म होने वाली हैं।

*जिस घर में छछूंदर घूमती रहती है वहां लक्ष्मी का आगमन होता है। हालांकि जिस घर में साफ-सफाई अत्यधिक है वहां छछूंदर के आने के चांस कम हो जाते हैं।

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