जाने कैसे हुई भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना?

 

 

 

 

बाबर ने पानीपत के प्रथम युद्ध 1526 ईशा में इब्राहिम लोदी को हराकर भारत में मुगल वंश की स्थापना की

जहीरूद्दीन बाबर का जन्म 24 फरवरी 1483 में फरगना में हुआ था बाबर के पिता का नाम उमर शेख मिर्जा तथा माता का नाम कुत्तलुगनिगार खानम था

 

बाजोर एवं मीरा के किले पर 1518 -19वीं ईशा बाबर ने सर्वप्रथम तोप एवं बंदूक का प्रयोग किया था

पानीपत के युद्ध के पश्चात बाबर ने राणा सांगा के साथ खानवा 1527 मेदिनीराय के साथ चंदेली 1528 तथा आफ गानों के साथ घागरा 1529 का युद्ध लड़ा

बाबर ने तुर्की भाषा में अपनी आत्मकथा तूजुक- ए -बाबरी (बाबरनामा) लिखी

बाबर को उदावर्ता के कारण कलंदर के नाम से भी जाना जाता है इसने मोबाइयान नामक पद शैली का विकास किया था

बाबर की मृत्यु के पश्चात नसरुद्दीन हुमायूं 29 दिसंबर 15 से 30 को आगरा में 23 वर्ष की अवस्था में मुगल साम्राज्य के सिंहासन पर बैठा

हुमायूं ने दिल्ली के निकट दिनपनाह नगर की स्थापना की उसका प्रमुख शत्रु शेरशाह सूरी फरीद था जिसने उसे चौसा का युद्ध 1539 ई में पराजित किया

1540 ही में कन्नौज (बिलग्राम) के युद्ध में सिरसा से पराजित होने के बाद हुमायूं को भारत से बाहर शरण लेनी पड़ी थी

हुमायूं का मकबरा दिल्ली में अवस्थित है जिसे अकबर ने बनवाया था

अकबर का जन्म 1542 ही में हुमायूं के प्रवास के दौरान अमरकोट में राणा वीर साल के महल में हुआ अकबर की मां का नाम हमीदाबानो बेगम था

 

 

अकबर का राज्याभिषेक 1556 में कलानौर पंजाब में हुआ सिंहासन पर बैठते ही अकबर ने बैरम खां की सहायता से 1556 में पानीपत के द्वितीय युद्ध में हेमू विक्रमादित्य को पराजित किया

1576 के हल्दीघाटी के प्रसिद्ध युद्ध में अकबर के सेनापति राजा मानसिंह ने मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप को पराजित किया

1571 ही में अकबर ने आगरा से 36 किलोमीटर दूर फतेहपुर सीकरी नामक नगर की स्थापना 1571 ई में प्रवेश के लिए बुलंद दरवाजा बनवाया

Check Also

बेवजह धन खर्च करने से बुरे वक्त में दुखी और परेशान हो सकते है आप

      सभी को धन का उपयोग सही समय और सही जगह पर करना …