जानिए बिजली बिल कम करने का आसान तरीका

भारतीय विद्युत नियामक आयोग के निर्देश अनुसार उपभोक्ताओं को केवल 30 दिन का ही बिजली बिल दिया जाना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद भी मीटर रीडिंग करने वाले ठेकेदार ओर कम्पनी के कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं. उनकी मनमानी के चलते बिजली उपभोक्ताओं को अधिक बिल का भुगतान करना पड़ता है.

कई बार शिकायत करने के बावजूद भी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अधिकारी इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं. उपभोक्ता यदि चाहे तो उनका बिल कम आए तो सबसे पहले रीडिंग लेने वाले कर्मचारी को रीडिंग लेने और बिल देने के लिए अपने घर पर बुलाएं. यदि वह नहीं आते है तो सक्षम अधिकारी के कार्यालय में आप इसकी लिखित शिकायत कर सकते है.

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नियमानुसार उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग में यदि देरी हो जाती है तो बिल को संशोधित कर उसे महज 30 दिन का ही बिल देना होता है, बाकी की बिजली खपत को अगले माह के बिल में जोडऩा चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है.

बिजली विभाग के कर्मचारी या फिर संविदा कर्मचारी पनि ऊपरी आमदनी करने के चक्कर में भोले भाले उपभोक्ताओं को भयभीत करके उनसे घूस वसूलने में व्यस्त हैं.

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