जमीन पर इलाज:70 से ज्यादा ब्रेन इंज्यूरी के मरीजों को गैलेरी में सुलाया, रिम्स के न्यूराे सर्जरी विभाग काे मानवाधिकार आयाेग का नाेटिस

न्यूरो सर्जरी के गलियारे में लेटे मरीज। - Dainik Bhaskar

न्यूरो सर्जरी के गलियारे में लेटे मरीज।

रिम्स के न्यूराे सर्जरी विभाग में मरीजाें का हाल-बेहाल है। ब्रेन में चाेट और गंभीर अवस्था की मरीज थर्ड फ्लाेर की गैलेरी में दाेनाें तरफ जमीन पर बिस्तर बिछाकर ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि मानवाधिकार आयाेग ने न्यूराे सर्जरी विभाग काे नाेटिस भेजा है। पूछा है कि गंभीर अवस्था में जमीन पर लेटे मरीजाें काे बेड क्याें नहीं दिया जा रहा है। उनका इलाज ठीक से क्याें नहीं हो रहा है।

अब रिम्स प्रबंधन बेड और मैनपावर की कमी का राेना राे रहा है। क्याेंकि न्यूराे सर्जरी विभाग के बाहर जमीन पर मरीजाें की लंबी कतार एक या दाे दिन का नहीं है, बल्कि दाे साल से भी ज्यादा समय से है। यहां अभी 103 मरीजों के लिए बेड है, लेकिन 170 मरीजों को भर्ती किया गया है।

यहां झारखंड के आसपास के राज्यों के भी मरीज इलाज के भर्ती हैं। इधर, ट्राॅमा सेंटर के ग्राउंड फ्लाेर पर खाली बेडाें की लंबी कतार है। वहीं न्यूराे सर्जरी विभाग के बाहर जमीन पर मरीजाें की लंबी कतार है। ट्राॅमा सेंटर में फिलहाल काेराेना मरीज का इलाज चल रहा है।

न्यूराे सर्जरी विभाग की दलील

न्यूराे सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने कहा कि रिम्स निदेशक काे दर्जनाें बार पत्र लिखा गया कि न्यू विभाग में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। ऑपरेशन थियेटर में जांच मशीनाें की जरूरत है। नर्स की कमी काे भी दूर किया जाए। पर अभी तक कोई हल नहीं निकाला है।

 

Check Also

काम की खबर:झारखंड के 1.20 लाख वोटर्स का डिजिटल आईकार्ड तैयार, 15 मार्च के बाद सभी वोटर्स डाउनलोड कर सकेंगे

  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने गुरुवार डिजिटल वोटर आई कार्ड की जानकारी …