जब लॉकडाउन ने बढ़ाई दूरी तब कपल ने डेटिंग के लिए लिया ऐप का सहारा; क्वेक-क्वेक पर 1 करोड़ यूजर्स बढ़े तो टिंडर का रेवेन्यू पहुंचा 1900 करोड़ के पार

लॉकडाउन के दौरान डेटिंग ऐप ने प्रेमियों के बीच की दूरी को कम करने का काम किया है। ज्यादातर लोग डेटिंग ऐप पर समय बिता रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन के दौरान डेटिंग ऐप के यूजर बेस में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। आंकड़े भी कुछ इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। देसी डेटिंग ऐप क्वेक-क्वेक (QuackQuack) ने एक करोड़ भारतीय यूजर के आंकड़े को पार कर लिया है। कंपनी के मुताबिक क्वेक-क्वेक प्लेटफॉर्म पर पिछले 2 माह में करीब 10 लाख नए यूजर्स मिले हैं।

डेली 30 लाख लोगों ने विजिट किया है प्रोफाइल

लॉकडाउन के दौर में हर दिन कम से कम 10 लाख लोगों ने एक दूसरे को क्वेक-क्वेक ऐप पर लाइक किया। वही, डेली के हिसाब से करीब 30 लाख लोगों ने प्रोफाइल विजिट किया है। QuackQuack के फाउंडर रवि मित्तल ने कहा कि हमने इस ऐप को भारतीय सिंगल्स के लिए शुरू किया था। अब इसके करीब एक करोड़ यूजर हो गए हैं। बता दें कि देसी डेटिंग ऐप ने अपनी पिछली रिपोर्ट्स में कहा था कि उसके प्लेटफॉर्म पर रोजाना करीब 3.50 लाख से लेकर 5 लाख चैट होते हैं। वही कंपनी के एक अन्य दावे के मुताबिक उनके प्लेटफॉर्म पर प्रतिमाह के हिसाब से करीब 150 लाख चैट किए जाते हैं।

क्वेक-क्वेक प्लेटफॉर्म पर 25 प्रतिशत छात्र

क्वेक-क्वेक प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग लोग 50 फीसदी, बिजनेस के 25 फीसदी और 25 प्रतिशत छात्र जुड़ रहे हैं। रवि मित्तल के मुताबिक उनके प्लेटफॉर्म पर रोजाना नए यूजर बेस में 80 फीसदी का इजाफा देखा जा रहा है। साथ ही कंपनी के रेवेन्यू में करीब 20 फीसदी की बढोतरी दर्ज की गई है। QuackQuack प्लेटफॉर्म भारत का सबसे तेजी से ग्रोथ दर्ज करने वाला डेटिंग प्लेटफॉर्म है। इसकी शुरुआत साल 2010 में हुई थी। कंपनी की मानें, तो Quack Quack डेटिंग ऐप पर लॉकडाउन के कुछ खास नए फीचर जोड़े गए थे, जिससे उस प्लेटफॉर्म पर नए यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। QuackQuack का इस्तेमाल पहले के मुकाबले करीब 30-35 फीसदी बढ़ा है।

टिंडर ऐप पर बातचीत में औसतन 39 फीसदी की बढ़ोतरी

लाॅकडाउन में टिंडर ऐप पर बातचीत में औसतन 39 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बातचीत के समय में 28 फीसदी की वृद्धि हुई है। टिंडर के मुताबिक, उसका रेवेन्यू 1900 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। देश में टिंडर डेटिंग ऐप के जनरल मैनेजर तरु कपूर कहते हैं कि लॉकडाउन से पहले के मुकाबले तीसरे लॉकडाउन की घोषणा तक ऐप से जुड़े जेनरेशन-z (1995-2010 के बीच जन्में युवा) के बीच होने वाली बातचीत के आंकड़ों में 10 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया।

टिंडर के वैश्विक स्तर पर 5.7 करोड़ यूजर्स

सामान्य दिनों के मुकाबले बातचीत करने के आंकड़ों मे आया यह उछाल 39 फीसदी ज्यादा है। टिंडर पर ग्लोबली 57 मिलियन यूजर्स हैं। यह ऐप 190 देशों में 40 भाषाओं में उपलब्ध है। इस ऐप पर प्रति सप्ताह एक मिलियन से ज्यादा लोग डेट करते हैं। नीलसन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऐप पर 50 फीसदी से ज्यादा यूजर्स रात के 9 बजे के बाद आते हैं। इस समय दिन में चार गुना ज्यादा यूजर्स एक्टिव रहते हैं।

लाॅकडाउन में बम्बल ऐप पर 19 प्रतिशत मैसेज ज्यादा भेजे गए हैं

बम्बल ऐप में वाइस प्रेसिडेंट (स्ट्रेटेजी) प्रीति जोशी के मुताबिक, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में हमारे ऐप द्वारा पहले के मुकाबले 19 प्रतिशत मैसेज ज्यादा भेजे गए। इतना ही नहीं वीडियो कॉल और फोन कॉल का औसत समय प्रति व्यक्ति18 मिनट से ज्यादा रहा। प्रीति कहती हैं, सामान्यतया यह समय 10-12 मिनट के आसपास रहता है।

पार्टी फीचर डेटिंग ऐप ने कराया कपल को साथ होने का एहसास

लॉकडाउन के दौरान पार्टी फीचर डेटिंग ऐप सिंगल्स के बीच काफी पसंद किया गया है। इस फीचर के जरिए पसंदीदा गानों या फिल्मों की सूची बनाकर तैयार की जाती है। फिर डेट करने वाले दोनों व्यक्ति इसे साथ-साथ सुन सकते हैं। दोनों व्यक्ति अपने घर में पसंद के अनुसार ड्रेसअप होकर ‘मनोरंजन’ का पूरा आनंद उठाते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग में साथ-साथ होने का एहसास भी डेटिंग ऐप दे रहे हैं।

 

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