जगदलपुर : प्रदेश के अनाज भंडार और अर्थतंत्र को खोखला करने में लगी हुई है कांग्रेस : केदार कश्यप

जगदलपुर, 09 जून (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अकर्मण्य प्रदेश सरकार अन्नदाताओं के परिश्रम का अपमान कर रही है। राष्ट्रीय संपदा धान को खुले में बबार्दी और घोटाले के लिए छोड़कर लापरवाही का प्रदर्शन कर रही है। केदार कश्यप ने बुधवार को कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के अनाज भंडार और अर्थतंत्र को खोखला करने में लगी हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं सत्तावादी संरक्षण में पूरे प्रदेश में धान उठाव नहीं करके उसे गायब करने और पानी  में सड़ा बताकर किसी बड़े घोटाले को अंजाम देने की साजिशें तो नहीं बुनी जा रही हैं। कश्यप ने जानना चाहा कि धान खरीदी को महीनों बीत जाने के बाद भी और बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद प्रदेश सरकार ने सहकारी समितियों से धान के उठाव में लापरवाही का परिचय क्यों दिया, जबकि खरीदे गए धान का उठाव समितियों से 72 घंटे में करने का प्रावधान है।
कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी सम्पदा, अपने खरीदे धान को समय पर सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंचा पा रही है। भ्रष्टाचारीऔर घोटालेबाज उस धान को भी अपनी काली कमाई का जरिया बना रहे हैं। इससे अधिक किसी सरकार के निकम्मेपन की और क्या मिसाल दी जा सकती है। उन्होने कहा कि सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले में 80 लाख रुपए के धान घोटाले के सामने आने के बाद अब दुर्ग संभाग के राजनांदगांव जिले में पटेवा सोसाइटी में सामने आए 52 लाख रुपए का धान घोटला हुआ है। इससे साबित हो रहा है कि बड़ी-बड़ी डींगें हांकने वाली प्रदेश सरकार न तो समयबद्ध काम करके राष्ट्रीय संपदा अन्न की सुरक्षा और सम्मान के प्रति गंभीर है और न ही भ्रष्टाचार और घोटालों पर अंकुश लगा पा रही है। कश्यप ने इन दो मामलों के खुलासे को प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के दावे को कोरी सियासी लफ्फाजी और जुमलेबाजी निरूपित किया है।
 हिन्दुस्थान समाचार

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